तो इसलिए मिल गई विजय माल्या को हिरासत में लेने के 3 घंटे बाद ही जमानत
नई दिल्ली। किंगफिशर के मालिक एवं शराब कारोबारी विजय माल्या को आज भारत सरकार के आग्रह पर लंदन में हिरासत में ले लिया गया, लेकिन मालया को हिरासत में लिए जाने के महज 3 घंटे बाद ही जमानत मिल गई। इसके चलते माल्या को भारत लाना अभी दूर की कौड़ी के समान नजर आ रहा है। गौरतलब है कि विजय माल्या पर देश की विभिन्न बैंकों के 9 हजार करोड़ रुपए बकाया छोड़कर भागने का आरोप है और वे पिछले काफी समय से फरार चल रहे हैं। हालांकि इस बीच उनके लंदन में होने की खबरें भी आती रही हैं, लेकिन उन्हें आज हिरासत में लिया गया है।
बताया जा रहा है कि माल्या को क्या अपनी गिरफ्तारी का अंदेशा पहले ही हो गया था, जिसे लेकर उन्होंने गिरफ्तारी के कुछ देर पहले ही ट्वीट करके बैंकों से समझौते की बात कही थी। वहीं जमानत मिलने के साथ माल्या ने भारतीय मीडिया पर तंज कसा है। उन्होंने माइक्रो ब्लॅगिंग साइट ट्विटर पर एक टवीट किया, जिसमें लिखा कि, 'इंडियन मीडिया का हव्वा है। कोर्ट में आज प्रत्यर्पण की सुनवाई शुरू हुई है, जैसी मुझे उम्मीद थी। हमेशा की तरह भारतीय मीडिया बढ़ा-चढ़ा कर पेश कर रहा है, ये प्रक्रिया आज से ही शुरु होनी थी।'
जानकारी के मुताबिक, भारत ने ब्रिटेन के साथ प्रत्यर्पण संधि के अनुरूप आठ फरवरी को एक नोट वर्बेल के जरिए माल्या के प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक आग्रह किया था। भारत सरकार ने ब्रिटेन को अर्जी सौंपते हुए कहा था कि माल्या के खिलाफ उसके पास एक जायज मामला है। सरकार ने उल्लेख किया था कि यदि प्रत्यर्पण आग्रह का सम्मान किया जाता है तो यह हमारी चिंताओं के प्रति ब्रिटेन की संवेदनशीलता को प्रदर्शित करेगा। इस साल के शुरू में एक सीबीआई अदालत ने 720 करोड़ रुपये के आईडीबीआई बैंक लोन डिफॉल्ट मामले में माल्या के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।
सूत्रों के मुताबिक ये सरकार की ही कोशिशों का नतीजा था कि माल्या का केस ब्रिटेन की कोर्ट तक पहुंचा है, ब्रिटेन सरकार ने इसे संबधित कोर्ट के पास भेजा है। अब ब्रिटेन की अदालत में माल्या अपनी दलील और सरकार अपनी दलील रखेगी। माल्या को आज बेल इसलिए मिली, क्योंकि ये मनी लॉन्ड्रिंग का मामला था, अगर गंभीर मामला होता तो बेल नही मिलती। सूत्रों के मुताबिक सरकार को उम्मीद है कि जल्द ही ब्रिटेन की अदालत में मामले का निपटारा होगा और माल्या का प्रत्यार्पण होगा।
बताया जा रहा है कि माल्या को क्या अपनी गिरफ्तारी का अंदेशा पहले ही हो गया था, जिसे लेकर उन्होंने गिरफ्तारी के कुछ देर पहले ही ट्वीट करके बैंकों से समझौते की बात कही थी। वहीं जमानत मिलने के साथ माल्या ने भारतीय मीडिया पर तंज कसा है। उन्होंने माइक्रो ब्लॅगिंग साइट ट्विटर पर एक टवीट किया, जिसमें लिखा कि, 'इंडियन मीडिया का हव्वा है। कोर्ट में आज प्रत्यर्पण की सुनवाई शुरू हुई है, जैसी मुझे उम्मीद थी। हमेशा की तरह भारतीय मीडिया बढ़ा-चढ़ा कर पेश कर रहा है, ये प्रक्रिया आज से ही शुरु होनी थी।'
जानकारी के मुताबिक, भारत ने ब्रिटेन के साथ प्रत्यर्पण संधि के अनुरूप आठ फरवरी को एक नोट वर्बेल के जरिए माल्या के प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक आग्रह किया था। भारत सरकार ने ब्रिटेन को अर्जी सौंपते हुए कहा था कि माल्या के खिलाफ उसके पास एक जायज मामला है। सरकार ने उल्लेख किया था कि यदि प्रत्यर्पण आग्रह का सम्मान किया जाता है तो यह हमारी चिंताओं के प्रति ब्रिटेन की संवेदनशीलता को प्रदर्शित करेगा। इस साल के शुरू में एक सीबीआई अदालत ने 720 करोड़ रुपये के आईडीबीआई बैंक लोन डिफॉल्ट मामले में माल्या के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।
सूत्रों के मुताबिक ये सरकार की ही कोशिशों का नतीजा था कि माल्या का केस ब्रिटेन की कोर्ट तक पहुंचा है, ब्रिटेन सरकार ने इसे संबधित कोर्ट के पास भेजा है। अब ब्रिटेन की अदालत में माल्या अपनी दलील और सरकार अपनी दलील रखेगी। माल्या को आज बेल इसलिए मिली, क्योंकि ये मनी लॉन्ड्रिंग का मामला था, अगर गंभीर मामला होता तो बेल नही मिलती। सूत्रों के मुताबिक सरकार को उम्मीद है कि जल्द ही ब्रिटेन की अदालत में मामले का निपटारा होगा और माल्या का प्रत्यार्पण होगा।
