राजधानी में गुरुवार से सजेगा 'साहित्य का महाकुंभ' जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल
जयपुर। राजधानी जयपुर में हर साल आयोजित किए जाने वाले साहित्य के महाकुंभ 'जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल' की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई है। इस बार आयोजित किए जा रहे जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के 11वें एडिशन का कल गुरुवार से आगाज होगा, जो अगले पांच दिनों तक चलेगी। इस दौरान फेस्टिवल दुनियाभर के कई नामचीन साहित्यकारों का जमावड़ा रहेगा, जो विभिन्न मुद्दों को लेकर लोगों के बीच अपनी राय रखेंगे। वहीं अपने अपने कार्यक्षेत्र में अपने अनुभव लोगों के साथ शेयर करेंगे।
गुरुवार से डिग्गी पैलेस में शुरू होने जा रहे जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के 11वें एडिशन में देशभर के करीब 600 साहित्यकार शिरकत करेंगे। गौरतलब है कि 5 दिन चलने वाले साहित्य के इस महाकुंभ में इस बार साहित्य के साथ साथ कला, व्यंजन और मनोरंजन की भी पूरी व्यवस्था की गई है। वहीं शेष तैयारियों को अंतिम रूप देकर पूरी किया जा रहा है, जिसके तहत अलग—अलग स्थानों में मंच सजाकर लॉन बना दिए गए हैं।
जेएलएफ—2018 में इस बार 35 देशों से करीब 600 से अधिक साहित्यकार शिरकत कर रहे हैं, जो समारोह में अपने शब्दों की गंगा बहाएंगे और अपने अपने अनुभव व विचार लोगों के साथ साझाा करेंगे। आयोजकों के मुताबिक, समारोह में शिरकत करने वाले साहित्यकारों की सूची में वर्ष 2006 में शांति नोबेल पुरस्कार प्राप्त कर चुके मोहम्मद युनूस, पुल्तिजर अवॉर्ड विनर हेलेन फील्डिंग जैसे लोग शामिल हैं।
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में इस बार विवादित फिल्म पद्मावत और सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी चर्चा का विषय रहने वाले हैं क्योंकि सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी को लेकर राजपूत संगठन पहले ही धमकी दे चुके हैं। जोशी 'पद्मावत' फिल्म को सीबीएफसी से मिली हरी झंडी के बाद वे राजपूत संगठनों के निशाने पर आ चुके हैं। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने उन्हें राजस्थान ना आने की चेतावनी दे चुके हैं। हालांकि राजस्थान सरकार ने जोशी को पूरी तरह सुरक्षा देने का आश्वासन पहले ही दे दिया है वहीं फेस्टिवल के दौरान सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम पहले से ही तय कर दिए गए हैं।
फेस्टिवल में रानी पद्मनी के जीवन पर साहित्यकार मृदुला बिहारी और स्वाति चौपड़ा चर्चा करेंगे। फेस्टिवल के दौरान एक सत्र मोहनजोदड़ो और हड़प्पा सभ्यता को लेकर होगा। वहीं एक सत्र भारत की वास्तुकला, भूजल संरक्षण प्रणाली पर होगा। इस सत्र में साहित्यकार अमन नाथ, जैन-नेबुउर और विक्टोरिया लॉमैन की रीमा हूजा के साथ बातचीत होगी।
राजपूतों की कथा, कला और हथियार को लेकर होने वाले सत्र में अमीन जाफर, बी.एन. गोस्वामी और रॉबर्ट एलगुड के साथ विलियम डेलरिम्पल चर्चा करेंगे। अरावली पहाड़यिों की रक्षा के साथ ही देश की वर्तमान हालत पर भी एक सत्र होगा। फेस्टिवल के आयोजकों के अनुसार पांच दिवसीय फेस्टिवल में हिन्दी भाषा का प्रतिनिधत्व करने वाले 30 से अधिक लेखक, 15 अन्य प्रमुख भारतीय भाषाओं के 50 से अधिक वक्ता शामिल होंगे।
आपको बता दें कि जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के अभी तक हो चुके संस्करणों में दुनियाभर के कई ख्यातनाम साहित्यकार शिरकत कर चुके हैं, जिनमें अमिताभ बच्चन, गुलजार, प्रसून जोशी, सलमान रुश्दी, दलाई लामा, जावेद अख्तर समेत कई नामचीन साहित्यकार शामिल हैं। हालांकि यह समारोह यहां आने वाले कई साहित्यकारों के बयानों को लेकर सुर्खियों में रहा है।
गुरुवार से डिग्गी पैलेस में शुरू होने जा रहे जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के 11वें एडिशन में देशभर के करीब 600 साहित्यकार शिरकत करेंगे। गौरतलब है कि 5 दिन चलने वाले साहित्य के इस महाकुंभ में इस बार साहित्य के साथ साथ कला, व्यंजन और मनोरंजन की भी पूरी व्यवस्था की गई है। वहीं शेष तैयारियों को अंतिम रूप देकर पूरी किया जा रहा है, जिसके तहत अलग—अलग स्थानों में मंच सजाकर लॉन बना दिए गए हैं।
जेएलएफ—2018 में इस बार 35 देशों से करीब 600 से अधिक साहित्यकार शिरकत कर रहे हैं, जो समारोह में अपने शब्दों की गंगा बहाएंगे और अपने अपने अनुभव व विचार लोगों के साथ साझाा करेंगे। आयोजकों के मुताबिक, समारोह में शिरकत करने वाले साहित्यकारों की सूची में वर्ष 2006 में शांति नोबेल पुरस्कार प्राप्त कर चुके मोहम्मद युनूस, पुल्तिजर अवॉर्ड विनर हेलेन फील्डिंग जैसे लोग शामिल हैं।
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में इस बार विवादित फिल्म पद्मावत और सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी चर्चा का विषय रहने वाले हैं क्योंकि सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी को लेकर राजपूत संगठन पहले ही धमकी दे चुके हैं। जोशी 'पद्मावत' फिल्म को सीबीएफसी से मिली हरी झंडी के बाद वे राजपूत संगठनों के निशाने पर आ चुके हैं। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने उन्हें राजस्थान ना आने की चेतावनी दे चुके हैं। हालांकि राजस्थान सरकार ने जोशी को पूरी तरह सुरक्षा देने का आश्वासन पहले ही दे दिया है वहीं फेस्टिवल के दौरान सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम पहले से ही तय कर दिए गए हैं।
फेस्टिवल में रानी पद्मनी के जीवन पर साहित्यकार मृदुला बिहारी और स्वाति चौपड़ा चर्चा करेंगे। फेस्टिवल के दौरान एक सत्र मोहनजोदड़ो और हड़प्पा सभ्यता को लेकर होगा। वहीं एक सत्र भारत की वास्तुकला, भूजल संरक्षण प्रणाली पर होगा। इस सत्र में साहित्यकार अमन नाथ, जैन-नेबुउर और विक्टोरिया लॉमैन की रीमा हूजा के साथ बातचीत होगी।
राजपूतों की कथा, कला और हथियार को लेकर होने वाले सत्र में अमीन जाफर, बी.एन. गोस्वामी और रॉबर्ट एलगुड के साथ विलियम डेलरिम्पल चर्चा करेंगे। अरावली पहाड़यिों की रक्षा के साथ ही देश की वर्तमान हालत पर भी एक सत्र होगा। फेस्टिवल के आयोजकों के अनुसार पांच दिवसीय फेस्टिवल में हिन्दी भाषा का प्रतिनिधत्व करने वाले 30 से अधिक लेखक, 15 अन्य प्रमुख भारतीय भाषाओं के 50 से अधिक वक्ता शामिल होंगे।
आपको बता दें कि जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के अभी तक हो चुके संस्करणों में दुनियाभर के कई ख्यातनाम साहित्यकार शिरकत कर चुके हैं, जिनमें अमिताभ बच्चन, गुलजार, प्रसून जोशी, सलमान रुश्दी, दलाई लामा, जावेद अख्तर समेत कई नामचीन साहित्यकार शामिल हैं। हालांकि यह समारोह यहां आने वाले कई साहित्यकारों के बयानों को लेकर सुर्खियों में रहा है।
