चू** शब्द को लेकर मैंने सेंसर बोर्ड को दिखाई थी हिंदी की डिक्शनरी : अनुराग कश्यप
जयपुर। राजधानी जयपुर में आयोजित हो रहे साहित्य के महाकुंभ जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में आज विभिन्न सेशन आयोजित किए गए, जिनमें कई नामचीन शख्सियतों ने शिरकत की और विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए। लिटफेस्ट के नाम से पहचान बना चुके इस फेस्टिवल के दूसरे दिन आज फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने भी शिरकत की, जहां उन्होंने अपने एक सेशन में अपनी एक फिल्म में इस्तेमाल किए गए 'चू'या' शब्द के बारे में खुलकर अपने विचार व्यक्त किए। वहीं अनुराग ने फिल्म 'पद्मावत' मुद्दे पर भी चर्चा कर अपनी राय रखी।
जेएलएफ के 11वें संस्करण में आज दूसरे दिन संवाद लॉन में आयोजित 'द हिट मैन : अनुराग कश्यप इन कन्वर्शेसन' में अनुराग ने अपनी फिल्मों में इस्मेताल किए जाने वाले अपशब्दों के इस्तेमाल को सही साबित करने का प्रयास किया। हॉस्टल लाइफ पर बनाई गई अपनी फिल्म गुलाल के बारे में बात करते हुए अनुराग ने कहा कि फिल्म में चूतिया शब्द इस्तेमाल करने पर सेसंर बोर्ड ने उनकी फिल्म पर आपत्ती जताई थी, लेकिन मैं अपनी बात को साबित करने के लिए सेंसर बोर्ड के पास हिंदी की डिक्शनरी लेकर पहुंचा था, जिसमें साफ लिखा था कि इस शब्द का मतलब केवल और केवल बेवकूफ होता है इसके अलावा कुछ नहीं।
पुरानी धारणाओं से बाहर नहीं निकले राजपूत :
वहीं इस दौरान अनुराग कश्यप ने संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' और उसको लेकर मचे बवाल के बारे में बोलते हुए कहा कि फिल्म गुलाल बनाते समय उन्हें पता लगा कि आज भी राजपूत इतिहास के साथ जी रहें हैं, जो प्रोग्रेसिव नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं राजस्थान में जितने भी रॉयल फैमिली से मिला, वो सभी अपने पूर्वजों के साथ ही जी रहें है, जबकि अब नया जमाना हो गया है। असल में राजपूत लोग ईमानदार है और उनको उन पर भरोसा और प्यार है, लेकिन वो लोग सुस्त हैं जो पुरानी धारणाओं से नहीं निकल पा रहे हैं, जिसके चलते हालात ये हो गए हैं कि आज भी ये लोग अपने पुराने अहम के साथ जी रहें है।
जेएलएफ के 11वें संस्करण में आज दूसरे दिन संवाद लॉन में आयोजित 'द हिट मैन : अनुराग कश्यप इन कन्वर्शेसन' में अनुराग ने अपनी फिल्मों में इस्मेताल किए जाने वाले अपशब्दों के इस्तेमाल को सही साबित करने का प्रयास किया। हॉस्टल लाइफ पर बनाई गई अपनी फिल्म गुलाल के बारे में बात करते हुए अनुराग ने कहा कि फिल्म में चूतिया शब्द इस्तेमाल करने पर सेसंर बोर्ड ने उनकी फिल्म पर आपत्ती जताई थी, लेकिन मैं अपनी बात को साबित करने के लिए सेंसर बोर्ड के पास हिंदी की डिक्शनरी लेकर पहुंचा था, जिसमें साफ लिखा था कि इस शब्द का मतलब केवल और केवल बेवकूफ होता है इसके अलावा कुछ नहीं।
पुरानी धारणाओं से बाहर नहीं निकले राजपूत :
वहीं इस दौरान अनुराग कश्यप ने संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' और उसको लेकर मचे बवाल के बारे में बोलते हुए कहा कि फिल्म गुलाल बनाते समय उन्हें पता लगा कि आज भी राजपूत इतिहास के साथ जी रहें हैं, जो प्रोग्रेसिव नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं राजस्थान में जितने भी रॉयल फैमिली से मिला, वो सभी अपने पूर्वजों के साथ ही जी रहें है, जबकि अब नया जमाना हो गया है। असल में राजपूत लोग ईमानदार है और उनको उन पर भरोसा और प्यार है, लेकिन वो लोग सुस्त हैं जो पुरानी धारणाओं से नहीं निकल पा रहे हैं, जिसके चलते हालात ये हो गए हैं कि आज भी ये लोग अपने पुराने अहम के साथ जी रहें है।
