कॉलेज की मान्यता के लिए लेन-देन मामले में चिकित्सा मंत्री सराफ के खिलाफ परिवाद पेश
जयपुर। एसीबी मामलों की विशेष अदालत क्रम-1 में नर्सिंग कॉलेज की मान्यता के संबंध में हुए रुपए के लेन देन को लेकर स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सर्राफ, उनके पुत्र विवेक सर्राफ, स्वास्थ्य विभाग के उप सचिव अजय असवाल और राजस्थान नर्सिंग काउंसिल के तत्कालीन रजिस्ट्रार गोविंद शर्मा सहित एक अन्य शिवपाल यादव के खिलाफ परिवाद पेश किया गया है।
शंकर लाल गुर्जर की ओर से पेश परिवाद में कहा गया कि परिवादी को एक सीडी प्राप्त हुई है, जिसमें विवेक सर्राफ सहित अन्य आरोपियों की लिबर्टी एवं उपचार नर्सिंग कॉलेज की संचालिका सुमन रावत के बीच बातचीत की रिकॉर्डिंग है। यह बातचीत जगतपुरा के एक पेट्रोल पंप पर हुई थी।
बातचीत में सुनाई दे रहा है कि नर्सिंग कॉलेज की मान्यता के लिए सुमन शर्मा ने नर्सिंग रजिस्ट्रार गोविंद शर्मा को भारी रिश्वत दी। इसके अलावा विवेक सर्राफ ने मंत्री से काम की गारंटी भी दे रहे हैं। परिवाद में कहा गया कि नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता देने के मामले में नोटशीट फाड़कर बदली गई है। इसके अलावा मामले में सुमन रावत से 20 लाख रुपए लिए गए हैं। बातचीत में सुनाई देता है कि उप सचिव अजय अग्रवाल तथा गोविंद शर्मा द्वारा भारी रिश्वत ली गई है।
परिवाद में यह भी कहा गया कि यदि कोई व्यक्ति लोकसेवक नहीं है और वह लोक सेवक से भ्रष्ट साधनों से काम कराने में शामिल होता है तो वह भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोपी है। परिवाद में कहा गया कि इस संबंध में एक समाचार पत्र में समाचार भी प्रकाशित हुआ था, लेकिन उस विषय में आरोपियों की ओर से कोई कार्यवाही नहीं की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सारा मामला सही है।
इसके अलावा पूरी बातचीत की रिकॉर्डिंग एसीएस वीनू गुप्ता ने भी सुनी थी, लेकिन उनकी ओर से भी कोई कार्यवाही नहीं की गई। परिवाद में यह भी कहा गया कि परिवादी इस संबंध में एसीबी में भी शिकायत दे चुका है।
शंकर लाल गुर्जर की ओर से पेश परिवाद में कहा गया कि परिवादी को एक सीडी प्राप्त हुई है, जिसमें विवेक सर्राफ सहित अन्य आरोपियों की लिबर्टी एवं उपचार नर्सिंग कॉलेज की संचालिका सुमन रावत के बीच बातचीत की रिकॉर्डिंग है। यह बातचीत जगतपुरा के एक पेट्रोल पंप पर हुई थी।
बातचीत में सुनाई दे रहा है कि नर्सिंग कॉलेज की मान्यता के लिए सुमन शर्मा ने नर्सिंग रजिस्ट्रार गोविंद शर्मा को भारी रिश्वत दी। इसके अलावा विवेक सर्राफ ने मंत्री से काम की गारंटी भी दे रहे हैं। परिवाद में कहा गया कि नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता देने के मामले में नोटशीट फाड़कर बदली गई है। इसके अलावा मामले में सुमन रावत से 20 लाख रुपए लिए गए हैं। बातचीत में सुनाई देता है कि उप सचिव अजय अग्रवाल तथा गोविंद शर्मा द्वारा भारी रिश्वत ली गई है।
परिवाद में यह भी कहा गया कि यदि कोई व्यक्ति लोकसेवक नहीं है और वह लोक सेवक से भ्रष्ट साधनों से काम कराने में शामिल होता है तो वह भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोपी है। परिवाद में कहा गया कि इस संबंध में एक समाचार पत्र में समाचार भी प्रकाशित हुआ था, लेकिन उस विषय में आरोपियों की ओर से कोई कार्यवाही नहीं की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सारा मामला सही है।
इसके अलावा पूरी बातचीत की रिकॉर्डिंग एसीएस वीनू गुप्ता ने भी सुनी थी, लेकिन उनकी ओर से भी कोई कार्यवाही नहीं की गई। परिवाद में यह भी कहा गया कि परिवादी इस संबंध में एसीबी में भी शिकायत दे चुका है।
