भामाशाह सम्मान समारोह और पौधारोपण कार्यक्रम संपन्न
देवनानी ने कहा कि राजस्थान में शिक्षा के क्षेत्र में वर्तमान सरकार द्वारा आमूल चूल परिवर्तन लाया गया है। इसमें भामाशाहों का विशेष सहयोग रहा है। भामाशाह अपने सहयोग से विद्यालयों की हर प्रकार से सहायता करते है। विद्यालय की स्थानीय आवश्यकता के अनुसार भामाशाह भौतिक संसाधन उपलब्ध करवाते है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कार्मिकों को अधिकतम भामाशाहों से सम्पर्क कर उन्हें विद्यालय से जोड़ना चाहिए। अभिभावकों को भी विद्यालय से जोड़ने के लिए उनकी क्षमताओं का उपयोग किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गुरू पूर्णिमा के अवसर पर सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा भामाशाहों को आगे आकर शिक्षा के मन्दिरों के विकास के लिए खुले दिल से कार्य करना चाहिए। भारतीय संस्कृति में विद्या के लिए दान को परम दान माना गया है। शिक्षा से व्यक्ति ही नहीं परिवार एवं समाज आगे बढ़ता है। शिक्षा व्यक्तियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलती है।
विद्यालय में पौधारोपण कार्य का शुभारंभ किया गया। विद्यालय में जामुन और आम की बाल वाटिका विकसित की जाएगी। इन पौधों के फल बच्चे उपयोग में लेंगे। भविष्य में फलोत्पादन अधिक होने पर विद्यालय के आर्थिक स्वावलंबन में उपयोग किया जा सकेगा। भामाशाहों ने विद्यालय में बोरवेल, चार कमरों का फर्श एवं बरामदे का निर्माण करवाया। इन्हें समारोह में सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर नगर निगम के स्थानीय पार्षद ज्ञानचंद सारस्वत, विद्यालय परिवार, गणमान्य नागरिक एवं अभिभावक उपस्थित थे।
