अमृतसर में बड़ा ट्रेन हादसा, रावण दहन देख रहे 50 से ज्यादा लोगों की मौत, कई घायल
अमृतसर। दशहरा के दिन आज पंजाब के अमृतसर में उस वक्त एक बड़ा हादसा पेश आया है, जब यहां दशहरा मेला चल रहा था, जहां से करीब 25 मीटर दूरी पर ही रेलवे ट्रैक है। इस दौरान रावण दहन देखने के लिए लोग ट्रैक के आसपास ही खड़े थे, तभी वहां रावण दहन होने पर पटाखों की आवाज से भगदड़ मच गई। इसी दरमियान दो रेलवे ट्रैक पर दोनों तरफ से ट्रेने गुजरी, जिसकी चपेट में कई लोग आ गए। इनमें से 50-60 लोगों की ट्रेन से कटकर मौत हो गई, वहीे कई लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद पंजाब सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों के लिए पांच-पांच लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, रावण दहन के वक्त जोड़ा फाटक के पास अचानक भगदड़ मच गई, जिसकी वजह से कई लोग ट्रैक की तरफ दौड़ने लगे इसी दौरान पठानकोट से अमृतसर की ओर आ रही ट्रेन की चपेट में आने की वजह से कई लोगों की मौत हो गई। इस घटना में घायल हुए लोगों को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भेजा गया है। एक प्रत्यक्षदर्शी का कहना है, 'ट्रेन काफी रफ्तार से आ रही थी। इसी दौरान कई लोग ट्रेन की चपेट में आ गए।'
यह हादसा अमृतसर और मनावला के बीच फाटक नंबर 27 के पास हुआ है। यह हादसा जिस वक्त हुआ उस समय वहां रावण दहन देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी हुई थी। इसी दौरान डीएमयू ट्रेन नंबर 74943 वहां से गुजर रही थी। रावण दहन के वक्त पटाखों की तेज आवाज के कारण ट्रेन का हॉर्न लोगों को नहीं सुनाई पड़ा। इसकी वजह से यह हादसा हो गया। घटना के बाद पुलिस, जीआरपी की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। इसी के साथ ही घटना स्थल पर स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य चलाया जा रहा है।
चश्मदीदों के अनुसार, दशहरा उत्सव के दौरान एक तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से यह भीषण हादसा हुआ। चश्मदीदों का कहना है कि हादसे के लिए प्रशासन और दशहरा आयोजन समिति जिम्मेदार हैं। क्योंकि जब ट्रेन आ रही थी तो उन्हें अलार्म देना चाहिए था, उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि ट्रेन रुके या फिर धीमी रफ्तार से होकर गुजरे। पुलिस के मुताबिक, इस हादसे में 50 से ज्यादा लोगों के मरने की आशंका है। वहीं लोगों को वहां से हटाया जा रहा है और घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।
उत्तर रेलवे के CPRO के मुताबिक, अमृतसर और मनावला के बीच गेट नंबर 27 के पास दशहरा महोत्सव में कोई घटना घटी जिसके बाद गेट नंबर 27 जो बंद था, लोग उस तरफ भागने लगे। उसी दौरान उधर से DMU ट्रेन नबंर 74943 गुजर रही थी जिस वजह से हादसा हुआ। पंजाब के CM कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट किया, 'अमृतसर की दुखद रेल दुर्घटना को सुनकर स्तब्ध हूं। दुख की इस घड़ी में मदद के लिए सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को खुले रहने के लिए कहा गया है। जिला अधिकारियों को युद्ध स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू करने का निर्देश दिया गया है।'
पंजाब के CM कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने गृह सचिव, स्वास्थ्य सचिव और एडीजीपी लॉ ऐंड ऑर्डर को तुरंत अमृतसर जाने के निर्देश दिया है। राजस्व मंत्री सुखबिंदर सरकारिया ने बचाव अभियान की निगरानी के लिए तत्काल अमृतसर पहुंचने का निर्देश दिया गया। हालात का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री कल अमृतसर का दौरा करेंगे। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, 'पंजाब में दशहरा उत्सव के दौरान एक ट्रेन हादसे के कारण कीमती जिंदगियों के नुकसान से बहुत दुखी हूं। मेरी संवेदना मृतकों के परिवारों के साथ है और घायलों के स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।'
इस हादसे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ऑफिशल ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया, 'अमृतसर में हुए ट्रेन हादसे से बहुत दुखी हूं। यह घटना हृदय विदारक है। मेरी गहरी संवेदना मृतकों के परिवारवालों के साथ है और मैं प्रार्थना करता हूं कि जल्द से जल्द घायल पूर्णतया स्वस्थ हों। अधिकारियों से बातचीत कर उन्हें तुरंत मदद के निर्देश दिए हैं।' वहीं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अमृतसर ट्रेन हादसे पर दुख जताया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने रेलवे और स्थानीय प्रशासन से जरूरी कदम उठाने को कहा।
जानकारी के मुताबिक, रावण दहन के वक्त जोड़ा फाटक के पास अचानक भगदड़ मच गई, जिसकी वजह से कई लोग ट्रैक की तरफ दौड़ने लगे इसी दौरान पठानकोट से अमृतसर की ओर आ रही ट्रेन की चपेट में आने की वजह से कई लोगों की मौत हो गई। इस घटना में घायल हुए लोगों को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भेजा गया है। एक प्रत्यक्षदर्शी का कहना है, 'ट्रेन काफी रफ्तार से आ रही थी। इसी दौरान कई लोग ट्रेन की चपेट में आ गए।'
यह हादसा अमृतसर और मनावला के बीच फाटक नंबर 27 के पास हुआ है। यह हादसा जिस वक्त हुआ उस समय वहां रावण दहन देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी हुई थी। इसी दौरान डीएमयू ट्रेन नंबर 74943 वहां से गुजर रही थी। रावण दहन के वक्त पटाखों की तेज आवाज के कारण ट्रेन का हॉर्न लोगों को नहीं सुनाई पड़ा। इसकी वजह से यह हादसा हो गया। घटना के बाद पुलिस, जीआरपी की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। इसी के साथ ही घटना स्थल पर स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य चलाया जा रहा है।
चश्मदीदों के अनुसार, दशहरा उत्सव के दौरान एक तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से यह भीषण हादसा हुआ। चश्मदीदों का कहना है कि हादसे के लिए प्रशासन और दशहरा आयोजन समिति जिम्मेदार हैं। क्योंकि जब ट्रेन आ रही थी तो उन्हें अलार्म देना चाहिए था, उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि ट्रेन रुके या फिर धीमी रफ्तार से होकर गुजरे। पुलिस के मुताबिक, इस हादसे में 50 से ज्यादा लोगों के मरने की आशंका है। वहीं लोगों को वहां से हटाया जा रहा है और घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।
उत्तर रेलवे के CPRO के मुताबिक, अमृतसर और मनावला के बीच गेट नंबर 27 के पास दशहरा महोत्सव में कोई घटना घटी जिसके बाद गेट नंबर 27 जो बंद था, लोग उस तरफ भागने लगे। उसी दौरान उधर से DMU ट्रेन नबंर 74943 गुजर रही थी जिस वजह से हादसा हुआ। पंजाब के CM कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट किया, 'अमृतसर की दुखद रेल दुर्घटना को सुनकर स्तब्ध हूं। दुख की इस घड़ी में मदद के लिए सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को खुले रहने के लिए कहा गया है। जिला अधिकारियों को युद्ध स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू करने का निर्देश दिया गया है।'
पंजाब के CM कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने गृह सचिव, स्वास्थ्य सचिव और एडीजीपी लॉ ऐंड ऑर्डर को तुरंत अमृतसर जाने के निर्देश दिया है। राजस्व मंत्री सुखबिंदर सरकारिया ने बचाव अभियान की निगरानी के लिए तत्काल अमृतसर पहुंचने का निर्देश दिया गया। हालात का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री कल अमृतसर का दौरा करेंगे। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, 'पंजाब में दशहरा उत्सव के दौरान एक ट्रेन हादसे के कारण कीमती जिंदगियों के नुकसान से बहुत दुखी हूं। मेरी संवेदना मृतकों के परिवारों के साथ है और घायलों के स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।'
इस हादसे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ऑफिशल ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया, 'अमृतसर में हुए ट्रेन हादसे से बहुत दुखी हूं। यह घटना हृदय विदारक है। मेरी गहरी संवेदना मृतकों के परिवारवालों के साथ है और मैं प्रार्थना करता हूं कि जल्द से जल्द घायल पूर्णतया स्वस्थ हों। अधिकारियों से बातचीत कर उन्हें तुरंत मदद के निर्देश दिए हैं।' वहीं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अमृतसर ट्रेन हादसे पर दुख जताया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने रेलवे और स्थानीय प्रशासन से जरूरी कदम उठाने को कहा।
