विधानसभा में हंगामा करने पर 14 विधायक 1 साल के लिए निलंबित, सीएम राजे से मिले प्रतिपक्ष के सदस्य
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में लगातार हंगामा करके सदन की कार्यवाही को बाधित किए जाने पर आज 14 विधायकों की सदस्यता से 1 साल के निलंबन का प्रस्ताव लिया गया है। विधानसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान प्रतिपक्ष सदस्यों को मौका नहीं देने के मुद्दे पर हुए हंगामे के बाद विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल के आदेश पर मार्शलों ने नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी समेत हंगामा कर रहे प्रतिपक्ष सदस्यों को सदन से बाहर निकाल दिया। साथ ही इन सभी विधायकों को एक साल के लिए निलंबित किया गया है।
राजस्थान विधानसभा में 23 अप्रेल से शुरू हुए बजट सत्र के दूसरे सेशन में आज प्रश्नकाल के दौरान प्रतिपक्ष के सदस्यों को सदन में बोलने का मौका नहीं दिए जाने की बात पर नाराज होकर नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी समेत प्रतिपक्ष के सदस्यों ने हंगामा खड़ा कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने कहा कि कुछ हुड़दंगी विधायक बिना किसी कारण आसन के समक्ष आकर हंगामा करते हैं। मैं सदन में इनकी दादागिरी चलने नहीं दूंगा।
उन्होंने हंगामा कर रहे प्रतिपक्ष सदस्यों को कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अपने स्थान पर जाने के निर्देश दिये, लेकिन हंगामा कर रहे विधायकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता देख उन्होंने मर्शालों को उन्हें बाहर करने के आदेश दिए। इसके बाद हंगामा बढ़ने पर विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल के आदेश पर मार्शलों ने नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी समेत हंगामा करने वाले प्रतिपक्ष को सदस्यों को सदन से बाहर निकाल दिया। वहीं 14 सदस्यों को 1 साल के लिए विधानसभा की सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है।
विधानसभा की सदस्यता से निलंबित किए गए सदस्यों में हनुमान बेनीवाल, मनोज न्यांगली, धीरज गुर्जर, अशोक चांदना, गोविंद डोटासरा, सुखराम विश्नोई, घनश्याम मेहर, शकुंतला रावत, मेवाराम जैन, श्रवण कुमार, हीरालाल दरांगी, रमेश मीणा, भंवरसिंह भाटी और राजेन्द्र यादव के नाम शामिल हैं। वहीं 14 विधायकों की सदस्यता निलम्बिंत करने के मामले में नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी औऱ प्रद्युम्न सिंह ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मिलकर उनका निलंबन वापस लेने की मांग की है।
राजस्थान विधानसभा में 23 अप्रेल से शुरू हुए बजट सत्र के दूसरे सेशन में आज प्रश्नकाल के दौरान प्रतिपक्ष के सदस्यों को सदन में बोलने का मौका नहीं दिए जाने की बात पर नाराज होकर नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी समेत प्रतिपक्ष के सदस्यों ने हंगामा खड़ा कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने कहा कि कुछ हुड़दंगी विधायक बिना किसी कारण आसन के समक्ष आकर हंगामा करते हैं। मैं सदन में इनकी दादागिरी चलने नहीं दूंगा।
उन्होंने हंगामा कर रहे प्रतिपक्ष सदस्यों को कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अपने स्थान पर जाने के निर्देश दिये, लेकिन हंगामा कर रहे विधायकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता देख उन्होंने मर्शालों को उन्हें बाहर करने के आदेश दिए। इसके बाद हंगामा बढ़ने पर विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल के आदेश पर मार्शलों ने नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी समेत हंगामा करने वाले प्रतिपक्ष को सदस्यों को सदन से बाहर निकाल दिया। वहीं 14 सदस्यों को 1 साल के लिए विधानसभा की सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है।
विधानसभा की सदस्यता से निलंबित किए गए सदस्यों में हनुमान बेनीवाल, मनोज न्यांगली, धीरज गुर्जर, अशोक चांदना, गोविंद डोटासरा, सुखराम विश्नोई, घनश्याम मेहर, शकुंतला रावत, मेवाराम जैन, श्रवण कुमार, हीरालाल दरांगी, रमेश मीणा, भंवरसिंह भाटी और राजेन्द्र यादव के नाम शामिल हैं। वहीं 14 विधायकों की सदस्यता निलम्बिंत करने के मामले में नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी औऱ प्रद्युम्न सिंह ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मिलकर उनका निलंबन वापस लेने की मांग की है।
