जल्द ही अजमेर में भी खुलेगा पासपोर्ट सेवा केंद्र
अजमेर। स्मार्ट सिटी बनने जा रहे अजमेर को केंद्र सरकार से एक और सौगात मिलने जा रही है। विदेश मंत्रालय ने अजमेर सहित राज्य में 5 स्थानों पर पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित करने पर सहमति जतायी है। राजस्थान का पासपोर्ट कार्यालय डाक विभाग के साथ समंवय कर अजमेर, डूगरपुर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर एवं करौली-धौलपुर में पासपोर्ट सेवा केन्द्र का स्थान चिह्नित करेगा। इन केन्द्रों को पोस्ट आॅफिस पासपोर्ट सेवा केन्द्र (पीओपीएसके) नाम दिया गया है।
शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने अजमेर में पासपोर्ट सेवा केंद्र पर सहमति के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, विदेश राज्यमंत्री जनरल वी.के.सिंह एवं राज्य पासपोर्ट अधिकारी विवेक जैफ का आभार जताया है। देवनानी ने बताया कि पिछले दिनों 7 मार्च को केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री जनरल वी.के.सिंह से अजमेर में पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित करने का आग्रह किया गया था।
उन्होंने आग्रह किया कि अजमेर प्रदेश की हृदय स्थली है। अजमेर प्रसिद्ध तीर्थस्थल पुष्कर, सम्राट पृथ्वीराज चौहान की राजधानी, ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह, आर्य समाज के प्रमुख केंद्र होने से यहां का ऐतिहासिक एवं धार्मिक दृष्टि से प्रदेश में एक विशिष्ट स्थान है, जिसके कारण प्रतिदिन हजारों की संख्या में देशी-विदेशी पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों का अजमेर में आना-जाना होता है।
धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व को दृष्टिगत महत्व को दृष्टिगत रखते हुए हमारे प्रधानमंत्री जी ने अजमेर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किए जाने की संकल्पित घोषणा भी की है। केंद्र द्वारा राजस्थान के कुछ जिलो को पासपोर्ट सेवा केन्द्र के लिए चयनित किया गया है। देशी एवं विदेशी सैलानियों की संख्या को देखते हुए अजमेर में भी पासपोर्ट सेवा केंद्र की अत्यंत आवश्यकता है।
विदेश मंत्रालय ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए अजमेर में पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित करने पर सहमति जतायी है। शीघ्र ही पासपोर्ट कार्यालय की टीम डाक विभाग से समंवय कर स्थान चिह्नित करेगी।
शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने अजमेर में पासपोर्ट सेवा केंद्र पर सहमति के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, विदेश राज्यमंत्री जनरल वी.के.सिंह एवं राज्य पासपोर्ट अधिकारी विवेक जैफ का आभार जताया है। देवनानी ने बताया कि पिछले दिनों 7 मार्च को केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री जनरल वी.के.सिंह से अजमेर में पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित करने का आग्रह किया गया था।
उन्होंने आग्रह किया कि अजमेर प्रदेश की हृदय स्थली है। अजमेर प्रसिद्ध तीर्थस्थल पुष्कर, सम्राट पृथ्वीराज चौहान की राजधानी, ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह, आर्य समाज के प्रमुख केंद्र होने से यहां का ऐतिहासिक एवं धार्मिक दृष्टि से प्रदेश में एक विशिष्ट स्थान है, जिसके कारण प्रतिदिन हजारों की संख्या में देशी-विदेशी पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों का अजमेर में आना-जाना होता है।
धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व को दृष्टिगत महत्व को दृष्टिगत रखते हुए हमारे प्रधानमंत्री जी ने अजमेर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किए जाने की संकल्पित घोषणा भी की है। केंद्र द्वारा राजस्थान के कुछ जिलो को पासपोर्ट सेवा केन्द्र के लिए चयनित किया गया है। देशी एवं विदेशी सैलानियों की संख्या को देखते हुए अजमेर में भी पासपोर्ट सेवा केंद्र की अत्यंत आवश्यकता है।
विदेश मंत्रालय ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए अजमेर में पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित करने पर सहमति जतायी है। शीघ्र ही पासपोर्ट कार्यालय की टीम डाक विभाग से समंवय कर स्थान चिह्नित करेगी।
