जान जोखिम मे डालकर पानी लाने को मजबूर नोनिहाल छात्राए
कोटा । बूंदी जिले के देई कस्बे के नैनवां रोड पर छत्रपति शिवाजी बस स्टेण्ड स्थित राजकीय प्राथमिक संस्कृत विद्यालय मे पढने वाले नोनिहाल छात्राओ को पीने के पानी से लेकर पोषाहार का पानी अपनी जान जोखिम मे डालकर लाना पड रहा है। जानकारी के अनुसार विद्यालय के हेण्डपमप के खराब होने से विद्यालय की छात्राए सामने स्थित विद्युत ग्रिड के नलकूप से पानी भरकर लाती है। यही नही इन छात्राओ से पानी लेकर आने वाले बर्तन उठाने मे जोर लगाना पड रहा है। छात्राओ की उम्र के हिसाब से यह बर्तन इन छात्राओ से उठ पाने मे पूरा जोर लग जाता है। इस वजह से रास्ते मे यह छात्राएं एक दूसरे के बर्तनो को बदलकर पानी स्कूल तक लाती है।
विद्युत निगम के कर्मचारियो ने बताया कि इन छात्राओ के आने से कर्मचारी को नलकूप से पानी भरकर वापस भेजना पडता है। नलकूप के पास ही 33 केवी का ग्रिड है। छात्राएं अगर उस ओर चली जाए तो कभी भी दुर्घटना घटित हो सकती है। ऐसे स्थिति मे छात्राओ की जान सांसत मे पड सकती है। इसके साथ ही छात्राओ को पानी भरकर लाने के बाद नैनवां बूंदी सडक मार्ग को पार करना पडता है। जिस पर हमेशा वाहनो की रेलमरेल चलती रहतीहै। तब जाकर स्कूल मे पीने का पानी ओर पोषाहार के लिए पानी उपलबध हो पाता है। छात्राओ को पढाने वाले इन्हे कब पढाते है इसका तो पता नही पर छात्राओ को स्कूल मे अपने कंठो को तर करने के लिए अपनी जान जोखिम मे जरूर डालनी पड रही है।
इस बारे मे विद्यालय के प्रधानाध्यापक धनपालमीणा ने बताया कि विद्यालय का हेण्डपमप खराब हो रहा है जिसकी सूचना उच्च अधिकारियो व सरपंच को दे रखी है। पांचवी के बच्चो को बोर्ड परीक्षा दिलवाने गया हुुआ था। तब छात्राएं पानी भरने गई होगी। वही बलाक शिक्षा अधिकारी यंशवत शर्मा ने बताया कि मामले को गुरूवार को देखते है।
विद्युत निगम के कर्मचारियो ने बताया कि इन छात्राओ के आने से कर्मचारी को नलकूप से पानी भरकर वापस भेजना पडता है। नलकूप के पास ही 33 केवी का ग्रिड है। छात्राएं अगर उस ओर चली जाए तो कभी भी दुर्घटना घटित हो सकती है। ऐसे स्थिति मे छात्राओ की जान सांसत मे पड सकती है। इसके साथ ही छात्राओ को पानी भरकर लाने के बाद नैनवां बूंदी सडक मार्ग को पार करना पडता है। जिस पर हमेशा वाहनो की रेलमरेल चलती रहतीहै। तब जाकर स्कूल मे पीने का पानी ओर पोषाहार के लिए पानी उपलबध हो पाता है। छात्राओ को पढाने वाले इन्हे कब पढाते है इसका तो पता नही पर छात्राओ को स्कूल मे अपने कंठो को तर करने के लिए अपनी जान जोखिम मे जरूर डालनी पड रही है।
इस बारे मे विद्यालय के प्रधानाध्यापक धनपालमीणा ने बताया कि विद्यालय का हेण्डपमप खराब हो रहा है जिसकी सूचना उच्च अधिकारियो व सरपंच को दे रखी है। पांचवी के बच्चो को बोर्ड परीक्षा दिलवाने गया हुुआ था। तब छात्राएं पानी भरने गई होगी। वही बलाक शिक्षा अधिकारी यंशवत शर्मा ने बताया कि मामले को गुरूवार को देखते है।