अलवर में पहलूखां हत्या की सीबीआई जांच की मांग, कांग्रेस ने सौपा राज्यपाल को ज्ञापन
जयपुर। गत दिनों अलवर में गौ-तस्करी के आरोप में गौ-रक्षकों के हमले में मारे गए पहलू खां की मौत के मामले में कांग्रेस ने सीबीआई जांच करवाने की मांग की है। इसको लेकर कांग्रेस ने आज प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के नेतृत्व में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तमाम नेताओं ने राज्यपाल कल्याण सिंह को ज्ञापन सौंपा, जिसमें पहलू खां हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की गई।
पायलट ने भाजपा सरकार के राज में प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सही समय पर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही ना करने से, आज प्रदेश में अपराधियों के होंसले इतने बुलंद हो गए है कि खुले-आम कानून को हाथ में ले कर उलंघन करने से भी किसी को भय नहीं है। अलवर जिले में गौरक्षको की टोली ने शक पर हरियाणा ले जा रहे वाहन चालकों पर हमला बोल दिया। पुलिस की कार्यवाही और राज्य के गृह मंत्री ने सतर्कता गिरोह की जिस प्रकार से प्रशंसा की है, यह एक बुरा उदाहरण है।
पायलट ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में पशु-पालन आमदनी का बहुत ही महत्वपूर्ण स्त्रोत है और इसके चलते राजस्थान में विशाल पशु मेलों का आयोजन भी किया जाता है, जो विश्व प्रसिद्ध है और जिसमें देशभर से पशु पालक हिस्सा लेने आते हैं।
प्रदेशाध्यक्ष ने सिर्फ संदेह के आधार पर इस घटना को अंजाम देने एवं उसके बाद गृहमंत्री द्वारा अपराधियों की प्रशंसना करने की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओ से पशुपालको का भविष्य खतरे में पड जायेगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरी घटना को गम्भीरता से लेते हुए राजस्थान और पांच अन्य राज्यों को नोटिस जारी कर इन समूहों पर प्रतिबंध लगाने के लिए कहा है। गौरक्षा की आड़ में कानून हाथ में लेने वालों की जिस तरह से भाजपा सरकार सराहना कर रही है, ये बहुत ही निंदनीय है।
वहीं, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के इस पूरे प्रकरण पर चुप्पी साधे रखने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए पायलट ने कहा कि किसी भी वजह से कानून को हाथ में लेना उचित नहीं होता, सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। इसलिए हम इस पुरे प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग करते है। हमें उम्मीद है कि इस मामले में निपक्ष रूप से जांच की जाएगी और जल्द से जल्द अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही भी होगी।
पायलट ने भाजपा सरकार के राज में प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सही समय पर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही ना करने से, आज प्रदेश में अपराधियों के होंसले इतने बुलंद हो गए है कि खुले-आम कानून को हाथ में ले कर उलंघन करने से भी किसी को भय नहीं है। अलवर जिले में गौरक्षको की टोली ने शक पर हरियाणा ले जा रहे वाहन चालकों पर हमला बोल दिया। पुलिस की कार्यवाही और राज्य के गृह मंत्री ने सतर्कता गिरोह की जिस प्रकार से प्रशंसा की है, यह एक बुरा उदाहरण है।
पायलट ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में पशु-पालन आमदनी का बहुत ही महत्वपूर्ण स्त्रोत है और इसके चलते राजस्थान में विशाल पशु मेलों का आयोजन भी किया जाता है, जो विश्व प्रसिद्ध है और जिसमें देशभर से पशु पालक हिस्सा लेने आते हैं।
प्रदेशाध्यक्ष ने सिर्फ संदेह के आधार पर इस घटना को अंजाम देने एवं उसके बाद गृहमंत्री द्वारा अपराधियों की प्रशंसना करने की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओ से पशुपालको का भविष्य खतरे में पड जायेगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरी घटना को गम्भीरता से लेते हुए राजस्थान और पांच अन्य राज्यों को नोटिस जारी कर इन समूहों पर प्रतिबंध लगाने के लिए कहा है। गौरक्षा की आड़ में कानून हाथ में लेने वालों की जिस तरह से भाजपा सरकार सराहना कर रही है, ये बहुत ही निंदनीय है।
वहीं, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के इस पूरे प्रकरण पर चुप्पी साधे रखने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए पायलट ने कहा कि किसी भी वजह से कानून को हाथ में लेना उचित नहीं होता, सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। इसलिए हम इस पुरे प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग करते है। हमें उम्मीद है कि इस मामले में निपक्ष रूप से जांच की जाएगी और जल्द से जल्द अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही भी होगी।
