चित्तौड़गढ़ में कश्मीरी छात्रों से मारपीट करने के दो आरोपी युवक हिरासत में
जयपुर। एक ओर जहां देश के कई हिस्सों में कश्मीरी छात्रों के खिलाफ माहौल बना हुआ है, जिसके चलते कई जगहों पर कश्मीरी छात्रों के खिलाफ होर्डिंग्स-बैनर्स लगे हैं, वहीं राजस्थान में चित्तौड़गढ़ की मेवाड़ यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों से मारपीट के मामले में पुलिस ने दो आरोपी युवकों को हिरासत में ले लिया है। मारपीट करने के मामले में पुलिस ने ललित उर्फ सोहन पूर्बिया और मनीष उर्फ चिंटू को गिरफ्तार किया है। गौरतलब है कि दो दिन पहले देर रात गंगरार में मारपीट की घटना हुई थी, जिसमें मेवाड़ यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों को निशाना बनाया गया था।
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने माइक्रो—ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर एक ट्वीट कर कश्मीरी छात्रों के प्रति सहानुभूति जाहिर की है। साथ ही उन्होंने आरोपी छात्रों के खिलाफ पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए हिरासत में लिए जाने की बात कही है। ट्वीट में मुख्यमंत्री ने लिखा कि, 'कश्मीरी छात्र भी हमारे बच्चे ही हैं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की है और आरोपी युवकों को हिरासत में ले लिया है।
गौरतलब है कि इससे पूर्व भी कई मौकों पर मेवाड़ यूनिवर्सिटी के कश्मीरी छात्रों और स्थानीय लोगों में संघर्ष हो चुका है। 2016 में कुछ कश्मीरी छात्रों के साथ मारपीट की गई थी और हॉस्टल में बीफ खाने को लेकर उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ था। हालांकि बाद में फरेंसिक रिपोर्ट में साबित हुआ कि कश्मीरी छात्रों ने बकरे का मीट खाया था। यूनिवर्सिटी में जम्मू-कश्मीर के करीब 1,100 स्टूडेंट अलग-अलग कोर्सों में पढ़ते हैं।
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने माइक्रो—ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर एक ट्वीट कर कश्मीरी छात्रों के प्रति सहानुभूति जाहिर की है। साथ ही उन्होंने आरोपी छात्रों के खिलाफ पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए हिरासत में लिए जाने की बात कही है। ट्वीट में मुख्यमंत्री ने लिखा कि, 'कश्मीरी छात्र भी हमारे बच्चे ही हैं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की है और आरोपी युवकों को हिरासत में ले लिया है।
खबरों के मुताबिक, मेवाड़ विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों और स्थानीय लोगों के बीच आपसी संघर्ष हो जाने की वजह से माहौल तनावपूर्ण हो गया था। बताया गया कि यहां पर छात्रों और स्थानीय निवासियों के बीच कश्मीरी छात्रों की ओर से सेना के जवानों पर पत्थरबाजी करने के खिलाफ बहस शुरू हुई थी, जो बाद में आपसी संघर्ष के रूप में तब्दील हो गई।Kashmiri students are our children. The Police have taken prompt action & apprehended the culprits.— Vasundhara Raje (@VasundharaBJP) April 21, 2017
गौरतलब है कि इससे पूर्व भी कई मौकों पर मेवाड़ यूनिवर्सिटी के कश्मीरी छात्रों और स्थानीय लोगों में संघर्ष हो चुका है। 2016 में कुछ कश्मीरी छात्रों के साथ मारपीट की गई थी और हॉस्टल में बीफ खाने को लेकर उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ था। हालांकि बाद में फरेंसिक रिपोर्ट में साबित हुआ कि कश्मीरी छात्रों ने बकरे का मीट खाया था। यूनिवर्सिटी में जम्मू-कश्मीर के करीब 1,100 स्टूडेंट अलग-अलग कोर्सों में पढ़ते हैं।
