मेधावी छात्राओं को स्कूटी वितरण
अजमेर। शिक्षा एवं पंचायतीराज राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि राजस्थान एक नई शिक्षा क्रांति की ओर अग्रसर है। तीन सालों में हम देश के पहले पांच शैक्षिक राज्यों की रैंकिंग में पहुंच गए हैं। आगामी सालों में हम शीर्ष पर होंगे। राजस्थान में शिक्षा के इस उन्नयन में पेरेन्ट-टीचर मीटिंग का भी अहम योगदान है। अब हर साल सरकारी स्कूलों में चार पेरेन्ट-टीचर मीटिंग होंगी । इनमें से एक मीटिंग सिर्फ माताओं के लिए रखी जाएगी।
शिक्षा एवं पंचायतीराज राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने आज राजकीय कन्या महाविद्यालय में जिले की 50 मेधावी छात्राओं को स्कूटी वितरण किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान तेजी से शिक्षा के क्षेत्रा में तरक्की कर रहा है। शैक्षिक राज्यों की रैंकिंग में हम तीन सालों में 21 वें स्थान से पहले पांच स्थानों में स्थान बना चुके है। अगले कुछ सालों में शीर्ष पर होंगे । राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्रा में किए जा रहे नवाचारों ने प्रदेश में एक नई पहचान कायम की है। राजस्थान के सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का विश्वास बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में बालिकाओं ने शिक्षा के क्षेत्र में ऊंची छलांग लगाई है। गार्गी पुरस्कार प्राप्त करने वाली बालिकाओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। सरकारी स्कूलों का परिणाम प्रतिशत लगातार सुधर रहा है। स्कूटी प्राप्त करने वाली बालिकाओं की कट्आॅफ प्रतिशत भी लगातार बढ़ रहा है। अब बालिकाएं 90 प्रतिशत से अधिक अंक भी प्राप्त करने लगी है। यह महिला सशक्तिकरण एवं राजस्थान की तरक्की के लिए शुभ संकेत है।
देवनानी ने कहा कि राजकीय विद्यालयों में नामांकन में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है। इसी वृद्धि को कायम रखते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करके नामांकन वृद्धि की जाएगी। आगामी दो वर्षों में राज्य के राजकीय विद्यालयों में नामांकन को एक करोड़ करने का लक्ष्य रखा गया है। गत् वर्ष लगभग 82.3 लाख का नामांकन था। इससे पूर्व यह आंकड़ा लगभग 78 लाख रहा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राजकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कृत संकल्पित है। इसी का परिणाम है कि गत् वर्षों में इन विद्यालयों के परीक्षा परिणाम तथा नामांकन में वृद्धि दर्ज की गई है। विद्यालयों को समस्त भौतिक एवं मानवीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। विद्यार्थी 5वीं एवं 8वीं परीक्षा बोर्ड के माध्यम से देंगे इससे उनकी योग्यता में निखार आएगा।
उन्होंने कहा कि राजकीय विद्यालयों के अध्यापकों को समाज के प्रति कर्तव्यों का पालन करने में आगे रहना चाहिए। उन्हें नियमित तौर पर प्रतिदिन एक घण्टा अभिभावकों एवं विद्यार्थियों को विद्यालय समय के अतिरिक्त देना चाहिए।
प्राचार्य रेणु शर्मा ने बताया कि जिले की 50 छात्राओं को स्कूटी वितरित की गई है। इनमें राजकीय कन्या महाविद्यालय की 19, सम्राट पृथ्वीराज चैहान राजकीय महाविद्यालय की 12, सनातन धर्म राजकीय महाविद्यालय ब्यावर की 8, एस.आर.के.पी. राजकीय महाविद्यालय किशनगढ़ की 8, नसीराबाद राजकीय महाविद्यालय की 2 तथा राजकीय कन्या महाविद्यालय सरवाड़ की एक छात्रा को स्कूटी वितरित की गई है। इस अवसर पर सीताराम शर्मा सहित काॅलेज के प्राचार्य एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित थे।
शिक्षा एवं पंचायतीराज राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने आज राजकीय कन्या महाविद्यालय में जिले की 50 मेधावी छात्राओं को स्कूटी वितरण किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान तेजी से शिक्षा के क्षेत्रा में तरक्की कर रहा है। शैक्षिक राज्यों की रैंकिंग में हम तीन सालों में 21 वें स्थान से पहले पांच स्थानों में स्थान बना चुके है। अगले कुछ सालों में शीर्ष पर होंगे । राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्रा में किए जा रहे नवाचारों ने प्रदेश में एक नई पहचान कायम की है। राजस्थान के सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का विश्वास बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में बालिकाओं ने शिक्षा के क्षेत्र में ऊंची छलांग लगाई है। गार्गी पुरस्कार प्राप्त करने वाली बालिकाओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। सरकारी स्कूलों का परिणाम प्रतिशत लगातार सुधर रहा है। स्कूटी प्राप्त करने वाली बालिकाओं की कट्आॅफ प्रतिशत भी लगातार बढ़ रहा है। अब बालिकाएं 90 प्रतिशत से अधिक अंक भी प्राप्त करने लगी है। यह महिला सशक्तिकरण एवं राजस्थान की तरक्की के लिए शुभ संकेत है।
देवनानी ने कहा कि राजकीय विद्यालयों में नामांकन में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है। इसी वृद्धि को कायम रखते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करके नामांकन वृद्धि की जाएगी। आगामी दो वर्षों में राज्य के राजकीय विद्यालयों में नामांकन को एक करोड़ करने का लक्ष्य रखा गया है। गत् वर्ष लगभग 82.3 लाख का नामांकन था। इससे पूर्व यह आंकड़ा लगभग 78 लाख रहा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राजकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कृत संकल्पित है। इसी का परिणाम है कि गत् वर्षों में इन विद्यालयों के परीक्षा परिणाम तथा नामांकन में वृद्धि दर्ज की गई है। विद्यालयों को समस्त भौतिक एवं मानवीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। विद्यार्थी 5वीं एवं 8वीं परीक्षा बोर्ड के माध्यम से देंगे इससे उनकी योग्यता में निखार आएगा।
उन्होंने कहा कि राजकीय विद्यालयों के अध्यापकों को समाज के प्रति कर्तव्यों का पालन करने में आगे रहना चाहिए। उन्हें नियमित तौर पर प्रतिदिन एक घण्टा अभिभावकों एवं विद्यार्थियों को विद्यालय समय के अतिरिक्त देना चाहिए।
प्राचार्य रेणु शर्मा ने बताया कि जिले की 50 छात्राओं को स्कूटी वितरित की गई है। इनमें राजकीय कन्या महाविद्यालय की 19, सम्राट पृथ्वीराज चैहान राजकीय महाविद्यालय की 12, सनातन धर्म राजकीय महाविद्यालय ब्यावर की 8, एस.आर.के.पी. राजकीय महाविद्यालय किशनगढ़ की 8, नसीराबाद राजकीय महाविद्यालय की 2 तथा राजकीय कन्या महाविद्यालय सरवाड़ की एक छात्रा को स्कूटी वितरित की गई है। इस अवसर पर सीताराम शर्मा सहित काॅलेज के प्राचार्य एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित थे।
