दिव्यांगों की सेवा ईश्वर की सेवा है : देवनानी
अजमेर। शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने मंगलवार को वैशाली नगर स्थित बधिर विद्यालय में विभिन्न कार्यों का लोकार्पण किया। समारोह में मुख बघिर बालिकाओं के ध्वनी विहिन कण्ठों ने सुरताल के साथ समूह नृत्य किया। विद्यालय के बालकों ने करतल अभिव्यक्ति के साथ शिक्षामंत्री का स्वागत किया। वर्ष 1992 से 1997 तक अजमेर क्लब के सांयकालीन टेनिस ग्रुप प्लेयर्स के टेनिस कोर्ट का भी शुभारंभ किया। साथ ही होस्टल तथा स्पीच रूम एवं कमरों के जीर्णोद्धार का लोकार्पण किया।
लोाकर्पण समारोह में देवनानी ने कहा कि दिव्यांगों की सेवा ईश्वर की सेवा के समतुल्य है। सेवा कार्य करने से ईश्वर का प्रत्यक्ष आर्शीवाद प्राप्त होता है। सेवा कार्य व्यक्ति को तनाव मुक्त रखने में सहयोगी होता है। जीवन में सेवा करने का अवसर भाग्यशाली व्यक्तियों को ही मिलता है।
उन्होंने कहा कि बधिर विद्यालय की व्यवस्थाओं में बहुत सुधार आया है। विभिन्न भामाशाहों के सहयोग से यह विद्यालय विशेष बन गया है। भारतीय संस्कृति देने का भाव सिखाती है। दूसरों का कमाया उपयोग करना विकृति, अपना कमाया उपयोग करना प्रकृति तथा अपना कमाया जनहितार्थ प्रदान करना भारतीय संस्कृति का द्योतक है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 238 विशेष शिक्षकों के पद सृजित किए है। इसके लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग को अनुशंसा भेजी गई है। यह भर्ती शीघ्र ही होगी।
सुनिल दत्त जैन ने बधिर विद्यालय को 51 हजार रूपए की सहायता प्रदान करने की घोषणा की।
इस अवसर पर भारतीय पुलिस सेवा के सेवानिवृत अधिकारी अशोक कुमार भण्डारी, डॉ. जी.एस.झाला सहित बड़ी संख्या में भामाशाह एवं सदस्य उपस्थित थे।
लोाकर्पण समारोह में देवनानी ने कहा कि दिव्यांगों की सेवा ईश्वर की सेवा के समतुल्य है। सेवा कार्य करने से ईश्वर का प्रत्यक्ष आर्शीवाद प्राप्त होता है। सेवा कार्य व्यक्ति को तनाव मुक्त रखने में सहयोगी होता है। जीवन में सेवा करने का अवसर भाग्यशाली व्यक्तियों को ही मिलता है।
उन्होंने कहा कि बधिर विद्यालय की व्यवस्थाओं में बहुत सुधार आया है। विभिन्न भामाशाहों के सहयोग से यह विद्यालय विशेष बन गया है। भारतीय संस्कृति देने का भाव सिखाती है। दूसरों का कमाया उपयोग करना विकृति, अपना कमाया उपयोग करना प्रकृति तथा अपना कमाया जनहितार्थ प्रदान करना भारतीय संस्कृति का द्योतक है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 238 विशेष शिक्षकों के पद सृजित किए है। इसके लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग को अनुशंसा भेजी गई है। यह भर्ती शीघ्र ही होगी।
सुनिल दत्त जैन ने बधिर विद्यालय को 51 हजार रूपए की सहायता प्रदान करने की घोषणा की।
इस अवसर पर भारतीय पुलिस सेवा के सेवानिवृत अधिकारी अशोक कुमार भण्डारी, डॉ. जी.एस.झाला सहित बड़ी संख्या में भामाशाह एवं सदस्य उपस्थित थे।
