थैलेसीमिया व ब्लड कैंसर से जुड़े लोगों की जन-जागृति के लिए चित्र प्रदर्शनी का आयोजन
अजमेर। आज शुक्रवार को एच.के.एच. विद्यालय के प्रांगण में ’द विशींग फैक्ट्री’ एन.जी.ओ. संस्था की ओर से रोटरी क्लब मेट्रो अजमेर तथा एच.के.एच. विद्यालय के सहयोग से थैलेसीमिया मेजर तथा ब्लड कैंसर से जुड़े लोगों की प्रेरणादायक कहानियों को उजागर करने के लिए तथा जन-जागृति हेतु भारत की पहली चित्र प्रदर्शनी आयोजित की गई, जिसका उद्घाटन वासुदेव देवनानी, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार शिक्षा एवं पंचायती राज के कर कमलों द्वारा किया गया। उद्घाटन के समय पार्थ ठाकुर फाउण्डर आॅफ ’द विशींग फैक्ट्री’, दीपक केसवानी, सचिव रोटरी क्लब, मोतीलाल ठाकुर, अध्यक्ष एच.के.एच. स्कूल तथा अजय कुमार ठाकुर विद्यालय प्रशासक एच.के.एच. स्कूल उपस्थित थे।
कार्यक्रम के अन्तर्गत पार्थ ठाकुर ने बताया कि थैलेसीमिया एक आनुवांशिक बीमारी है, जिसमें हीमोग्लोबिन नहीं बनता परिणामस्वरूप लाल रक्त कोशिकाएं पर्याप्त मात्रा में नहीं बन पाती। अतः 15-20 दिन के अन्तराल में रोगी का रक्त बदलना अनिवार्य हो जाता है। इस बीमारी को जड़ से नष्ट करने के लिए जन-जागृति और सहयोग ही एकमात्र उपाय है। उन्होंने देवनानी के समक्ष प्रस्ताव रखा कि वे सरकार की तरफ से इस बीमारी की रोकथाम हेतु काॅलेज लाइफ शुरू होने से पहले ब्लड टेस्ट करवाने की अनिवार्यता लागू करने का प्रयास करें तथा ब्लड फील्टर पर सब्सिडी कम करें। साथ ही जन सहयोग की अपील करें।
देवनानी ने अपने वक्तव्य में पार्थ ठाकुर के प्र्रस्तावित विचारों पर कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया तथा आज से ही कार्य शुरू करने का विश्वास दिलाया। चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से थैलेसीमिया बीमारी के कारण, लक्षण तथा निजात के उपाय बताये। थैलेसीमिया बीमारी से ग्रसित लोगों की दिनचर्या को दिखाते हुए उनके द्वारा किये गये विशेष कार्यों के चित्र प्रदर्शित किये गये। ’द विशींग फैक्ट्री’ पार्थ ठाकुर और उनके सहयोगियों कोमल, मेहल पटनी, निकनोर राडरिक्स, लिजेल डिसूजा, रोशन पिण्टो, फियोना स्वामी, आर्य ठाकुर ने सन् 2015 में शुरू की थी। इनका मुख्य वाक्य हैः-
’’जो दूसरों की जिन्दगी में उजाला लाते हैं
वे खुद को उस चीज से दूर नहीं रखते।’’
अगर हमारे प्रयास से किसी बच्चे की जिन्दगी में थोड़ी सी खुशी आती है या उसका दर्द कम होता है तो हमारा प्रयास सफलता की एक सीढ़ी चढ़ता है।
संस्था की अध्यक्ष सुश्री कोमल ने बताया कि ’द विशींग फैक्ट्री’ एन.जी.ओ. संस्था का मुख्य कार्य थैलेसीमिया मेजर व ब्लड केंसर से ग्रसित बच्चों की इच्छाएँ पूरी करना, शिक्षा व दवाइयों का खर्चा उठाना है। आज तक वे तकरीबन 276 बच्चों की इच्छाएँ पूरी कर चुके है। करीब 10 बच्चों की दवाई व शिक्षा का खर्च उठा चुके हैं। सूरत के 5 बच्चों को कम्प्यूटर शिक्षा दिलाकर रोजगार उपलब्ध करवाया। अजमेर से पहले वे बाॅम्बे, बनारस, बड़ोदरा में भी थैलेसीमिया मेजर तथा ब्लड कैंसर पर प्रदर्शनी आयोजित कर जागरूकता कार्यक्रम कर चुके है। अजमेर के बाद आगामी 25 नवम्बर 2017 को दिल्ली में प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। अजमेर आयोजित प्रदर्शनी में उन्होंने थैलेसीमिया से ग्रस्त 20 बच्चों को आमंत्रित किया। जूही चैलानी की बम्बई घूमने की इच्छा को पूरा किया तथा रोटरी क्लब, मेट्रो के सहयोग से इन सभी बच्चों के इलाज व शिक्षा के खर्च की व्यवस्था करने का वादा किया।
प्रदर्शनी के अन्तर्गत आयोजित निबंध प्रतियोगिता के परिणाम :
प्रथम प्राजक्ता वैद्य कक्षा 12
द्वितीय ममता जेठानी कक्षा 12
तृतीय रिद्धिमा विजय कक्षा 11
कनिष्ठ वर्ग
प्रथम रिषिता मित्तल कक्षा 8
प्रथम मिनल पाण्डे कक्षा 9
द्वितीय जूही चैलानी कक्षा 9
तृतीय शिक्षा सोनी कक्षा 9
समस्त कार्यक्रम एवं प्रदर्शनी का संचालन एवं संयोजन कोमल अध्यक्ष ’द विशींग फैक्ट्री’ तथा अजय कुमार ठाकुर, विद्यालय प्रशासक, एच.के.एच. के दिशा-निर्देश में हुआ।
कार्यक्रम के अन्तर्गत पार्थ ठाकुर ने बताया कि थैलेसीमिया एक आनुवांशिक बीमारी है, जिसमें हीमोग्लोबिन नहीं बनता परिणामस्वरूप लाल रक्त कोशिकाएं पर्याप्त मात्रा में नहीं बन पाती। अतः 15-20 दिन के अन्तराल में रोगी का रक्त बदलना अनिवार्य हो जाता है। इस बीमारी को जड़ से नष्ट करने के लिए जन-जागृति और सहयोग ही एकमात्र उपाय है। उन्होंने देवनानी के समक्ष प्रस्ताव रखा कि वे सरकार की तरफ से इस बीमारी की रोकथाम हेतु काॅलेज लाइफ शुरू होने से पहले ब्लड टेस्ट करवाने की अनिवार्यता लागू करने का प्रयास करें तथा ब्लड फील्टर पर सब्सिडी कम करें। साथ ही जन सहयोग की अपील करें।
देवनानी ने अपने वक्तव्य में पार्थ ठाकुर के प्र्रस्तावित विचारों पर कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया तथा आज से ही कार्य शुरू करने का विश्वास दिलाया। चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से थैलेसीमिया बीमारी के कारण, लक्षण तथा निजात के उपाय बताये। थैलेसीमिया बीमारी से ग्रसित लोगों की दिनचर्या को दिखाते हुए उनके द्वारा किये गये विशेष कार्यों के चित्र प्रदर्शित किये गये। ’द विशींग फैक्ट्री’ पार्थ ठाकुर और उनके सहयोगियों कोमल, मेहल पटनी, निकनोर राडरिक्स, लिजेल डिसूजा, रोशन पिण्टो, फियोना स्वामी, आर्य ठाकुर ने सन् 2015 में शुरू की थी। इनका मुख्य वाक्य हैः-
’’जो दूसरों की जिन्दगी में उजाला लाते हैं
वे खुद को उस चीज से दूर नहीं रखते।’’
अगर हमारे प्रयास से किसी बच्चे की जिन्दगी में थोड़ी सी खुशी आती है या उसका दर्द कम होता है तो हमारा प्रयास सफलता की एक सीढ़ी चढ़ता है।
संस्था की अध्यक्ष सुश्री कोमल ने बताया कि ’द विशींग फैक्ट्री’ एन.जी.ओ. संस्था का मुख्य कार्य थैलेसीमिया मेजर व ब्लड केंसर से ग्रसित बच्चों की इच्छाएँ पूरी करना, शिक्षा व दवाइयों का खर्चा उठाना है। आज तक वे तकरीबन 276 बच्चों की इच्छाएँ पूरी कर चुके है। करीब 10 बच्चों की दवाई व शिक्षा का खर्च उठा चुके हैं। सूरत के 5 बच्चों को कम्प्यूटर शिक्षा दिलाकर रोजगार उपलब्ध करवाया। अजमेर से पहले वे बाॅम्बे, बनारस, बड़ोदरा में भी थैलेसीमिया मेजर तथा ब्लड कैंसर पर प्रदर्शनी आयोजित कर जागरूकता कार्यक्रम कर चुके है। अजमेर के बाद आगामी 25 नवम्बर 2017 को दिल्ली में प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। अजमेर आयोजित प्रदर्शनी में उन्होंने थैलेसीमिया से ग्रस्त 20 बच्चों को आमंत्रित किया। जूही चैलानी की बम्बई घूमने की इच्छा को पूरा किया तथा रोटरी क्लब, मेट्रो के सहयोग से इन सभी बच्चों के इलाज व शिक्षा के खर्च की व्यवस्था करने का वादा किया।
प्रदर्शनी के अन्तर्गत आयोजित निबंध प्रतियोगिता के परिणाम :
प्रथम प्राजक्ता वैद्य कक्षा 12
द्वितीय ममता जेठानी कक्षा 12
तृतीय रिद्धिमा विजय कक्षा 11
कनिष्ठ वर्ग
प्रथम रिषिता मित्तल कक्षा 8
प्रथम मिनल पाण्डे कक्षा 9
द्वितीय जूही चैलानी कक्षा 9
तृतीय शिक्षा सोनी कक्षा 9
समस्त कार्यक्रम एवं प्रदर्शनी का संचालन एवं संयोजन कोमल अध्यक्ष ’द विशींग फैक्ट्री’ तथा अजय कुमार ठाकुर, विद्यालय प्रशासक, एच.के.एच. के दिशा-निर्देश में हुआ।
