खत्म हुआ आरसीए का 'सन्यास', BCCI की सभी शर्तें मानने के बाद हटा निलंबन
जयपुर। पिछले करीब चार साल से निलंबन का दंश झेल रहे राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन का सन्यास आज आखिरकार खत्म हो गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) पर लगाए गए बैन को आज BCCI की सभी शर्तें मानने के बाद प्रतिबंध को हटा दिया गया है और बीसीसीआई को संघ की ओर से अंडरटेकिंग सौंप दी गई है। ऐसे में अब आरसीए एक बार फिर से बीसीसीआई द्वारा मान्यता प्राप्त क्रिकेट संघ कहलाएगा।
आरसीए ने आज हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान बीसीसीआई के सभी शर्तों को मानते हुए अंडरटेकिंग सौंपने पर सहमति जता दी है। इससे पूर्व कल बुधवार को कोर्ट में मतपेटियों के नतीजों के बाद ही यह साफ हो गया था कि आरसीए पर बैन खत्म होने वाला है, क्योंकि सभी 31 वोट बीसीसीआई की शर्तों को मानने के पक्ष में पड़े थे। गौरतलब है कि बीसीसीआई की कुछ शर्तों को न मानने पर आरसीए पर प्रतिबंध लगा हुआ था, जिसे अब हटा दिया गया है।
बीसीसीबाई की इन शर्तों को लेकर पिछले सप्ताह राज्य के जिला क्रिकेट संघों ने मतदान किया था, जिसमें सभी ने बीसीसीआई की शर्तों के फेवर में वोट किया था। गुरुवार को राजस्थान हाईकोर्ट के दौरान आरसीए अध्यक्ष और सचिव दोनों ने बीसीसीआई को अंडरटेकिंग सौंप दी। दरअसल, बीसीसीआई चाहता था कि आरसीए के कुछ पदाधिकारी की वापसी न हो। इसके साथ-साथ बीसीसीआई ने यह भी शर्त रखी थी की भविष्य में ललित मोदी किसी भी पद पर राज्य के क्रिकेट बॉडी में वापस नहीं लौट सकते।
इससे पहले हाईकोर्ट ने आरसीए और बीसीसीआई के बीच चल रहे विवाद को लेकर एक गुप्त मतदान कराए जाने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद बीसीसीआई द्वारा लगाई गई शर्तों को मानने के लिए आरसीए से जुड़े सभी 33 जिला क्रिकेट संघ सचिवों में से 31 ने बीसीसीआई के पक्ष में मतदान किया था। अब आरसीए से प्रतिबंध हट जाने के बाद राजस्थान की सभी क्रिकेट टीमें 'टीम राजस्थान' के बजाय आरसीए का लोगो लगी हुई जर्सी पहनकर खेल पाएंगी। साथ ही, जयपुर में अंतरराष्ट्र्रीय क्रिकेट मैचों का आयोजन भी हो सकेगा।
आरसीए ने आज हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान बीसीसीआई के सभी शर्तों को मानते हुए अंडरटेकिंग सौंपने पर सहमति जता दी है। इससे पूर्व कल बुधवार को कोर्ट में मतपेटियों के नतीजों के बाद ही यह साफ हो गया था कि आरसीए पर बैन खत्म होने वाला है, क्योंकि सभी 31 वोट बीसीसीआई की शर्तों को मानने के पक्ष में पड़े थे। गौरतलब है कि बीसीसीआई की कुछ शर्तों को न मानने पर आरसीए पर प्रतिबंध लगा हुआ था, जिसे अब हटा दिया गया है।
बीसीसीबाई की इन शर्तों को लेकर पिछले सप्ताह राज्य के जिला क्रिकेट संघों ने मतदान किया था, जिसमें सभी ने बीसीसीआई की शर्तों के फेवर में वोट किया था। गुरुवार को राजस्थान हाईकोर्ट के दौरान आरसीए अध्यक्ष और सचिव दोनों ने बीसीसीआई को अंडरटेकिंग सौंप दी। दरअसल, बीसीसीआई चाहता था कि आरसीए के कुछ पदाधिकारी की वापसी न हो। इसके साथ-साथ बीसीसीआई ने यह भी शर्त रखी थी की भविष्य में ललित मोदी किसी भी पद पर राज्य के क्रिकेट बॉडी में वापस नहीं लौट सकते।
इससे पहले हाईकोर्ट ने आरसीए और बीसीसीआई के बीच चल रहे विवाद को लेकर एक गुप्त मतदान कराए जाने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद बीसीसीआई द्वारा लगाई गई शर्तों को मानने के लिए आरसीए से जुड़े सभी 33 जिला क्रिकेट संघ सचिवों में से 31 ने बीसीसीआई के पक्ष में मतदान किया था। अब आरसीए से प्रतिबंध हट जाने के बाद राजस्थान की सभी क्रिकेट टीमें 'टीम राजस्थान' के बजाय आरसीए का लोगो लगी हुई जर्सी पहनकर खेल पाएंगी। साथ ही, जयपुर में अंतरराष्ट्र्रीय क्रिकेट मैचों का आयोजन भी हो सकेगा।
