हंगामे के साथ हुआ राजस्थान विधानसभा में बजट सत्र का आगाज, 12 को आएगा राज्य बजट
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में बजट सत्र की शुरूआत आज से हो गई है, जो पहले ही दिन काफी हंगामेदार रहा। बजट सत्र के पहले की दिन सदन में विपक्ष ने किसानों की कर्जमाफी समेत कई मुद्दों को लेकर जमकर हंगामा किया। सदन में हंगामे के बीच ही बजट अभिभाषण और शोकाभिव्यक्ति के बाद सदन की कार्यवाही को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। वहीं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे 12 फरवरी को राज्य बजट पेश करेंगी।
सोमवार को राजस्थान विधानसभा में बजट सत्र की शुरूआत के पहले ही दिन काफी हंगामा हुआ, जिसमें विपक्ष ने किसानों की कर्जमाफी, प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था और बेरोजगारी समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा। सदन की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही सबसे पहले राज्यपाल कल्याण सिंह ने बजट अभिभाषण पढ़ना शुरू किया, जिसके बाद विपक्ष की ओर से नारेबाजी शुरू हो गई। इस दौरान निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल, कांग्रेस विधायक रमेश मीणा ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद गोविंद डोटासरा भी हंगामे में कूद पड़े।
हंगामा बढ़ता देख संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठौड़ खड़े हुए और राज्यपाल से अनुरोध किया की वे अभिभाषण का अंतिम पैरा पढ़ दें, जिससे इसे पूरा पढ़ा हुआ मान लिया जाए। इस पर कांग्रेस के सभी विधायक खड़े हो गए और नारेबाजी करने लगे। वहीं हंगामे के बीच ही राज्यपाल ने अंतिम लाइन पढ़कर अभिभाषण को खत्म कर दिया। इसके बाद शोकाभिव्यक्ति कर सदन की कार्यवाही को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
विधानसभा में कल मंगलवार को सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होगी, जिसमें विपक्ष की ओर से किसानों की कर्जमाफी, प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था और बेरोजगारी के मुद्दों समेत अन्य कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा जा सकता है। ऐसे में सत्र के हंगामेदार होने के भी आसार है। विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले मुद्दों में प्रदेश के किसानों एवं खेती से जुड़े मुद्दों के साथ ही बजट में की जाने वाली घोषणाओं को लेकर भी सरकार की घेरा जा सकता है।
सोमवार को राजस्थान विधानसभा में बजट सत्र की शुरूआत के पहले ही दिन काफी हंगामा हुआ, जिसमें विपक्ष ने किसानों की कर्जमाफी, प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था और बेरोजगारी समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा। सदन की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही सबसे पहले राज्यपाल कल्याण सिंह ने बजट अभिभाषण पढ़ना शुरू किया, जिसके बाद विपक्ष की ओर से नारेबाजी शुरू हो गई। इस दौरान निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल, कांग्रेस विधायक रमेश मीणा ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद गोविंद डोटासरा भी हंगामे में कूद पड़े।
हंगामा बढ़ता देख संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठौड़ खड़े हुए और राज्यपाल से अनुरोध किया की वे अभिभाषण का अंतिम पैरा पढ़ दें, जिससे इसे पूरा पढ़ा हुआ मान लिया जाए। इस पर कांग्रेस के सभी विधायक खड़े हो गए और नारेबाजी करने लगे। वहीं हंगामे के बीच ही राज्यपाल ने अंतिम लाइन पढ़कर अभिभाषण को खत्म कर दिया। इसके बाद शोकाभिव्यक्ति कर सदन की कार्यवाही को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
विधानसभा में कल मंगलवार को सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होगी, जिसमें विपक्ष की ओर से किसानों की कर्जमाफी, प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था और बेरोजगारी के मुद्दों समेत अन्य कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा जा सकता है। ऐसे में सत्र के हंगामेदार होने के भी आसार है। विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले मुद्दों में प्रदेश के किसानों एवं खेती से जुड़े मुद्दों के साथ ही बजट में की जाने वाली घोषणाओं को लेकर भी सरकार की घेरा जा सकता है।
