'पद्मावत' को लेकर वायरल हुए लेटर को श्री राजपूत करणी सेना ने बताया डुप्लीकेट
जयपुर। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बनी बॉलीवुड फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' को लेकर श्री राजपूत करणी सेना एक बार फिर से सामने आई है। श्री राजपूत करणी सेना के संस्थापक लोकेन्द्र सिंह कालवी ने कहा है कि फिल्म को लेकर राजस्थान में हमारा विरोध जारी है, क्योंकि फिल्म में इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई है।
राजधानी जयपुर में शनिवार को आयोजित की गई प्रेस वार्ता में श्री राजपूत करणी सेना के संस्थापक लोकेन्द्र सिंह कालवी और प्रदेशाध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने सुखदेव सिंह गोगामेड़ी का नाम लिए बिना कहा कि वो संगठन तो डुप्लीकेट है। यानी श्री राजपूत करणी सेना के मिलते—जुलते से अन्य संगठन बनाए जाने का आरोप लगाकर उसे डुप्लीकेट बताया है।
आपको बता दें कि शुक्रवार को देर शाम श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना मुंबई के लेटर पैड पर एक बयान सोशल मीडिया में वायरल हुआ था, जिसमें फिल्म 'पद्मावत' को संगठन का समर्थन किए जाने की बात कही गई थी। इसमें कहा गया था कि फिल्म पद्मावत को लेकर चल रहे हमारे आंदोलन के संदर्भ में हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी निर्देशानुसार हमने 2 फरवरी को मुंबई में ये फिल्म देखी। हम ये बताते हुए गर्व अनुभव कर रहे हैं कि फिल्म में राजपूतों की वीरता और त्याग का बहुत ही सुंदर चित्रण किया गया है।'

इसके साथ ही बयान में कहा गया था कि, 'यह फिल्म रानी पद्मावती की महानता को समर्पित है। फिल्म में पद्मावती और अलाऊद्दीन खिलजी के बीच में कोई भी दृश्य नहीं है। इस फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं है, जो राजपूत समाज के इतिहास एवं भावनाओं को नुकसान पहुंचाए। हम इस फिल्म से पूर्णत: संतुष्ठ हैं। इसलिए हम हमारा आंदोलन एवं विरोध बिना किसी शर्त के वापस लेते हैं।' इसके साथ ही बयान में ये भी कहा गया कि, 'इस फिल्म को राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश और भारत के सभी सिनेमाघरों में प्रदर्शित करने में आपका एवं फिल्म विस्तारकों को पूर्णत: सहयोग करेंगे।'राजधानी जयपुर में शनिवार को आयोजित की गई प्रेस वार्ता में श्री राजपूत करणी सेना के संस्थापक लोकेन्द्र सिंह कालवी और प्रदेशाध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने सुखदेव सिंह गोगामेड़ी का नाम लिए बिना कहा कि वो संगठन तो डुप्लीकेट है। यानी श्री राजपूत करणी सेना के मिलते—जुलते से अन्य संगठन बनाए जाने का आरोप लगाकर उसे डुप्लीकेट बताया है।
आपको बता दें कि शुक्रवार को देर शाम श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना मुंबई के लेटर पैड पर एक बयान सोशल मीडिया में वायरल हुआ था, जिसमें फिल्म 'पद्मावत' को संगठन का समर्थन किए जाने की बात कही गई थी। इसमें कहा गया था कि फिल्म पद्मावत को लेकर चल रहे हमारे आंदोलन के संदर्भ में हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी निर्देशानुसार हमने 2 फरवरी को मुंबई में ये फिल्म देखी। हम ये बताते हुए गर्व अनुभव कर रहे हैं कि फिल्म में राजपूतों की वीरता और त्याग का बहुत ही सुंदर चित्रण किया गया है।'

ऐसे में इस बयान के सोशल मीडिया में वायरल होने और सुर्खियों में आने के बाद आज जयपुर में श्री राजपूत करणी सेना ने एक प्रेस वार्ता आयोजित की, जिसमें संगठन के संस्थापक लोकेन्द्र सिंह कालवी और प्रदेशाध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना इस बयान को डुप्लीकेट संगठन का बयान बताते हुए खारिज किया। वहीं उन्होंने ये भी कहा कि फिल्म को लेकर हमारा विरोध जारी है।
कालवी ने इस मामले अपना बयान स्पष्ट करते हुए कालवी ने कहा कि करणी सेना अपने पुराने स्टेंड पर कायम है। फिल्म पद्मावत का विरोध जारी रहेगा, क्योंकि इसमें इतिहास को तोड़—मरोड़ कर पेश किया गया है। कालवी ने कहा कि जिस संगठन का लेटर वायरल हुआ है, उसका एक और स्टिंग ऑपरेशन कल तक सबके सामने आने वाला है, जिसमें रुपए के लेन—देन का भी खुलासा होगा।
वहीं महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि उनके संगठन के नाम से मिलते—जुलते और भी कई संगठन है, जिनका उनसे कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने सुखदेव सिंह गोगामेड़ी का नाम लिए बिना ये कहा कि वो संगठन तो डुप्लीकेट है। उन्होंने कहा कि जो पत्र वायरल हुआ है, जिसमें फिल्म पद्मावत में राजपूतों की गौरव गाथा होना बताकर फिल्म को रिलीज करने में सहयोग की बातें लिखी गई है, वह डुप्लीकेट है।
