...तो ये है 'पद्मावत' को लेकर सामने आया करणी सेना में 'असली-नकली' का फेर
जयपुर। पिछले काफी समय से लगातार विवादों की आग में झुलस रही संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' को लेकर बयानबाजी का दौर एक बार फिर से सुर्खियों में आया है। वहीं इस फिल्म को लेकर करणी सेना में ही बड़ा फेर सामने आया है, जिसमें एक-दूसरे को डुप्लीकेट बताया जा रहा है और फिल्म का विरोध जारी रखे जाने की बात कही जा रही है।
दरअसल, फिल्म 'पद्मावत' में इतिहास को तोड़-मरोड कर दिखाए जाने की बात कहते हुए करणी सेना की ओर से इस फिल्म का लगातार विरोध किया जा रहा है। इसके चलते राजस्थान समेत कुछ अन्य राज्यों में यह फिल्म प्रदर्शित नहीं की जा रही है। हालांकि इन राज्यों को छोड़ देश के अधिकांश हिस्सों में इस फिल्म को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद प्रदर्शित किया जा चुका है। वहीं राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में फिल्म का प्रदर्शन अभी तक नहीं हो पाया है।
ऐसे में शुक्रवार की शाम सोशल मीडिया में उस वक्त अचानक से खलबली मच गई, जब एक लेटर के वायरल होने के बाद 'पद्मावत' को करणी सेना का समर्थन दिए जाने की चर्चाएं तेज हो चली। इस लेटर में कहा गया था कि फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं दिखाया गया है, जिससे राजपूत समाज के इतिहास एवं भावनाओं को नुकसान पहुंचे। इसलिए आंदोलन एवं विरोध बिना किसी शर्त के वापस लिया जा रहा हैं। वहीं इस लेटर में ये भी कहा गया था कि इस फिल्म को राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश और भारत के सभी सिनेमाघरों में प्रदर्शित करने में फिल्म विस्तारकों का सहयोग किया जाएगा।
बहरहाल, इस पत्र के वायरल होने के बाद श्री राजपूत करणी सेना के संस्थापक लोकेन्द्र सिंह कालवी एवं प्रदेशाध्यक्ष महिपाल मकराणा मीडिया के सामने आए और अपने संगठन से मिलते-जुलते नाम वाले संगठन की ओर से ये लेटर जारी किए जाने की बात कही। वहीं उन्होंने ये भी कहा कि उनके असली संगठन की ओर से फिल्म का विरोध लगातार जारी है।
वहीं दूसरी ओर, एक अन्य संगठन श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने भी इस लेटर को लेकर अपना पक्ष रखा है, जिसमें उन्होंने इस लेटर को ही फर्जी बताया है। गोगामेड़ी ने कहा कि आज तक उन्होंने जो भी फैसले लिए हैं, वो सब समाज के साथियों से पूछ कर लिए हैं। गोगामेड़ी ने कहा कि श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना मुंबई के लेटर पैड पर फिल्म 'पद्मावत' का समर्थन किए जाने को लेकर जो लेटर वायरल हुआ है, वह पूरी तरह से फर्जी है और इसका जल्द ही खुलासा भी किया जाएगा।
दरअसल, फिल्म को लेकर करणी सेना के बीच में जो 'असली'नकली' का फेर सामने आया है, वह ये है कि लोकेन्द्र सिंह कालवी और महिपाल मकराणा वाले संगठन का नाम श्री राजपूत करणी सेना है। जबकि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी वाले संगठन का नाम श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना है। ऐसे में दोनों नामों में करीब करीब समानता होने के चलते ये फेर सामने आया है। आपको बता दें कि फिल्म 'पद्मावत' के समर्थन किए जाने के बयान वाले उस लेटर पर श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना, महाराष्ट्र (मुंबई) लिखा हुआ है, जो वायरल हुआ है और जैसे लेकर फिर से बवाल मचा गया है।
दरअसल, फिल्म 'पद्मावत' में इतिहास को तोड़-मरोड कर दिखाए जाने की बात कहते हुए करणी सेना की ओर से इस फिल्म का लगातार विरोध किया जा रहा है। इसके चलते राजस्थान समेत कुछ अन्य राज्यों में यह फिल्म प्रदर्शित नहीं की जा रही है। हालांकि इन राज्यों को छोड़ देश के अधिकांश हिस्सों में इस फिल्म को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद प्रदर्शित किया जा चुका है। वहीं राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में फिल्म का प्रदर्शन अभी तक नहीं हो पाया है।
ऐसे में शुक्रवार की शाम सोशल मीडिया में उस वक्त अचानक से खलबली मच गई, जब एक लेटर के वायरल होने के बाद 'पद्मावत' को करणी सेना का समर्थन दिए जाने की चर्चाएं तेज हो चली। इस लेटर में कहा गया था कि फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं दिखाया गया है, जिससे राजपूत समाज के इतिहास एवं भावनाओं को नुकसान पहुंचे। इसलिए आंदोलन एवं विरोध बिना किसी शर्त के वापस लिया जा रहा हैं। वहीं इस लेटर में ये भी कहा गया था कि इस फिल्म को राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश और भारत के सभी सिनेमाघरों में प्रदर्शित करने में फिल्म विस्तारकों का सहयोग किया जाएगा।
बहरहाल, इस पत्र के वायरल होने के बाद श्री राजपूत करणी सेना के संस्थापक लोकेन्द्र सिंह कालवी एवं प्रदेशाध्यक्ष महिपाल मकराणा मीडिया के सामने आए और अपने संगठन से मिलते-जुलते नाम वाले संगठन की ओर से ये लेटर जारी किए जाने की बात कही। वहीं उन्होंने ये भी कहा कि उनके असली संगठन की ओर से फिल्म का विरोध लगातार जारी है।
वहीं दूसरी ओर, एक अन्य संगठन श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने भी इस लेटर को लेकर अपना पक्ष रखा है, जिसमें उन्होंने इस लेटर को ही फर्जी बताया है। गोगामेड़ी ने कहा कि आज तक उन्होंने जो भी फैसले लिए हैं, वो सब समाज के साथियों से पूछ कर लिए हैं। गोगामेड़ी ने कहा कि श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना मुंबई के लेटर पैड पर फिल्म 'पद्मावत' का समर्थन किए जाने को लेकर जो लेटर वायरल हुआ है, वह पूरी तरह से फर्जी है और इसका जल्द ही खुलासा भी किया जाएगा।
दरअसल, फिल्म को लेकर करणी सेना के बीच में जो 'असली'नकली' का फेर सामने आया है, वह ये है कि लोकेन्द्र सिंह कालवी और महिपाल मकराणा वाले संगठन का नाम श्री राजपूत करणी सेना है। जबकि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी वाले संगठन का नाम श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना है। ऐसे में दोनों नामों में करीब करीब समानता होने के चलते ये फेर सामने आया है। आपको बता दें कि फिल्म 'पद्मावत' के समर्थन किए जाने के बयान वाले उस लेटर पर श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना, महाराष्ट्र (मुंबई) लिखा हुआ है, जो वायरल हुआ है और जैसे लेकर फिर से बवाल मचा गया है।
