रास्ता चौड़ा करने के लिए मजार हटाने की बात पर हुआ बवाल
अजमेर। ख्वाजा नगरी अजमेर में फायसागर रोड स्थित एक मजार को हटाने की बात को लेकर बवाल हो गया। हालांकि बाद में नगर निगम प्रशासन की ओर से समझाइश करने के बाद माहौल शांत हुआ और निगम के दस्ते ने जेसीबी से मजार को हटवाया।
दरअसल, पुष्कर रोड को चौड़ा करने की कवायद के चलते नागफनी रोड के कॉर्नर पर स्थित हजरत रहमान शाह की मजार को हटाने के लिए अलसुबह नगर निगम दस्ता मौके पर पहुंचा और मजार को वहां से हटा दिया। सुबह जाग हुई तब वहां पर मजार दिखाई नहीं देने पर स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा और लोग लामबंद हो गए। आक्रोशित लोगों ने मजार की जगह पर तम्बू गाड़ दिए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। काफी देर तक निगम के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे तो आक्रोशित लोग महापौर से मिलने के लिए नगर निगम कार्यालय पहुच गए।
दरअसल, पुष्कर रोड को चौड़ा करने की कवायद के चलते नागफनी रोड के कॉर्नर पर स्थित हजरत रहमान शाह की मजार को हटाने के लिए अलसुबह नगर निगम दस्ता मौके पर पहुंचा और मजार को वहां से हटा दिया। सुबह जाग हुई तब वहां पर मजार दिखाई नहीं देने पर स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा और लोग लामबंद हो गए। आक्रोशित लोगों ने मजार की जगह पर तम्बू गाड़ दिए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। काफी देर तक निगम के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे तो आक्रोशित लोग महापौर से मिलने के लिए नगर निगम कार्यालय पहुच गए।
मजार हटाए जाने से नाराज लोगों का कहना है कि मौके से हटाई गई मजार करीब 60 वर्ष पुरानी है। ऐसे में निगम ने मजार को वहां से हटाकर उनकी धार्मिक भावनाओं आहत किया है। निगम कार्यालय पहुंचे लोगों ने मांग की कि मजार को फिर से उसी जगह पर स्थापित किए जाने के लिए उन्हें वहां 10 फ़ीट जगह दी जाए। बाद में लोगों के साथ समझाइश कर उन्हें बताया गया कि रास्ता चौड़ा करने के लिए रोड़ की जद में आ रही मजार को हटाना जरूरी था और मजार को अन्यत्र स्थापित कर दिया जाएगा।
निगम प्रशासन की ओर से मजार को अन्यत्र स्थापित किए जाने के लिए जगह चुनने की बात पर आक्रोशित लोग शांत हुए और निगम की बात मानने को राजी हो गए। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी शहर के मार्गों को चौड़ा करने के लिए की जाने वाली कवायद के तहत कुछ समय पूर्व ही एक हनुमान मंदिर को भी नगर निगम ने मार्ग से हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट किया था।
