माननीयों की हुई बल्ले-बल्ले, सीएम, मंत्री और विधायकों की पगार में बढ़ोतरी
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में आज एक ओर जहां प्रतिपक्ष के 14 विधायकों को निलंबित करने की कार्रवाई की गई, वहीं एक मसला एक भी था, जिसमें सत्तापक्ष एवं प्रतिपक्ष के सभी सदस्य एक राय नजर आए। मसला था राजनेताओं की पगार एवं उनके वेतन भत्तों में बढ़ोतरी किये जाने का, तो फिर ऐसे में कौन आपस में उलझने वाला था। सभी सदस्यगण पगार एवं उनके वेतन भत्तों में बढ़ोतरी किये जाने के मामले में एक राय होने ही थे। ऐसे में सभी माननीयों को खुशखबर मिल ही गई और विधानसभा की कार्यवाही के अंतिम दिन उनकी पगार तथा वेतन भत्तों में बढ़ोतरी किए जाने के प्रस्ताव को पारित किया गया।
यूं तो आपने नेताओं को आपसी मुद्दों पर आपस में उलझते हुए ही देखा होगा, लेकिन जब बात सभी के फायदे की हो तो फिर आपस में उलझना कैसा। कुछ ऐसा ही नजारा राजस्थान विधानसभा में उस वक्त दिखाई दिया, जब राजनेताओं की पगार एवं उनके वेतन भत्तों में बढ़ोतरी किये जाने के प्रस्ताव पर चर्चा होपी थी। इस दौरान सत्तापक्ष एवं प्रतिपक्ष के सभी सदस्य एक राय नजर आए। नतीजतन सभी माननीयों को पगार एवं वेतन भत्तों में बढ़ोतरी किए जाने की खुशखबरी मिल गई।
विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे सेशन के अंतिम दिन आज मुख्यमंत्री, स्पीकर, मंत्रियों, पूर्व मुख्यमंत्री, विधायकों और पूर्व विधायकों की सुविधाओं एवं वेतन भत्तों में बढ़ोतरी की गई, जो कि करीब पांच सालों के बाद वेतन की गई है। ऐसे में विधानसभा में आज सभी माननीयों की बल्ले-बल्ले हो गई।
वेतन भत्तों में हुई बढ़ोतरी के बाद अब सीएम का वेतन अब 35 हजार से बढ़कर 55 हजार रुपए प्रतिमाह हो गया है। स्पीकर का वेतन 33 हजार से बढ़कर 50 हजार, उपाध्यक्ष का वेतन 30 हजार से बढ़कर अब 45 हजार रुपए प्रति माह हो गया है। वहीं केबिनटे मंत्री का वेतन 30 हजार रुपए प्रतिमाह से बढ़कर अब 45 हजार रुपए हो गया है। वही राज्य मंत्री की सैलरी 27 हजार से बढ़कर 42 हजार रुपए प्रति माह हो गई है। संसदीय सचिव को अब 27 हजार की जगह 40 हजार रुपए प्रतिमाह मिलेंगे। मुख्य सचेतक को 30 हजार से बढ़कर 45 हजार रुपए प्रति माह दिए जाएंगे।
विधायक के वेतन भत्तों में टोटल करीब 28 हजार रुपए बढ़ाए गए हैं। वहीं उनकी सैलरी अब 15 हजार से बढ़कर 25 हजार रुपए प्रतिमाह हो गई है। साथ ही पूर्व विधायकों की पेंशन 15 से बढ़कर अब 25 हजार रुपए प्रति माह हो गई है। इसी प्रकार से पूर्व मुख्यमंत्री की सुविधाओं में भी इजाफा किया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री को अब केबिनेट स्तर के मंत्री के बराबर आजीवन कार, मकान औऱ स्टाफ की सुविधाएं मिलेगी। साथ ही जयपुर से बाहर जिला मुख्यालय पर भी अब कई सुविधाएं मिलेगी।
यूं तो आपने नेताओं को आपसी मुद्दों पर आपस में उलझते हुए ही देखा होगा, लेकिन जब बात सभी के फायदे की हो तो फिर आपस में उलझना कैसा। कुछ ऐसा ही नजारा राजस्थान विधानसभा में उस वक्त दिखाई दिया, जब राजनेताओं की पगार एवं उनके वेतन भत्तों में बढ़ोतरी किये जाने के प्रस्ताव पर चर्चा होपी थी। इस दौरान सत्तापक्ष एवं प्रतिपक्ष के सभी सदस्य एक राय नजर आए। नतीजतन सभी माननीयों को पगार एवं वेतन भत्तों में बढ़ोतरी किए जाने की खुशखबरी मिल गई।
विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे सेशन के अंतिम दिन आज मुख्यमंत्री, स्पीकर, मंत्रियों, पूर्व मुख्यमंत्री, विधायकों और पूर्व विधायकों की सुविधाओं एवं वेतन भत्तों में बढ़ोतरी की गई, जो कि करीब पांच सालों के बाद वेतन की गई है। ऐसे में विधानसभा में आज सभी माननीयों की बल्ले-बल्ले हो गई।
वेतन भत्तों में हुई बढ़ोतरी के बाद अब सीएम का वेतन अब 35 हजार से बढ़कर 55 हजार रुपए प्रतिमाह हो गया है। स्पीकर का वेतन 33 हजार से बढ़कर 50 हजार, उपाध्यक्ष का वेतन 30 हजार से बढ़कर अब 45 हजार रुपए प्रति माह हो गया है। वहीं केबिनटे मंत्री का वेतन 30 हजार रुपए प्रतिमाह से बढ़कर अब 45 हजार रुपए हो गया है। वही राज्य मंत्री की सैलरी 27 हजार से बढ़कर 42 हजार रुपए प्रति माह हो गई है। संसदीय सचिव को अब 27 हजार की जगह 40 हजार रुपए प्रतिमाह मिलेंगे। मुख्य सचेतक को 30 हजार से बढ़कर 45 हजार रुपए प्रति माह दिए जाएंगे।
विधायक के वेतन भत्तों में टोटल करीब 28 हजार रुपए बढ़ाए गए हैं। वहीं उनकी सैलरी अब 15 हजार से बढ़कर 25 हजार रुपए प्रतिमाह हो गई है। साथ ही पूर्व विधायकों की पेंशन 15 से बढ़कर अब 25 हजार रुपए प्रति माह हो गई है। इसी प्रकार से पूर्व मुख्यमंत्री की सुविधाओं में भी इजाफा किया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री को अब केबिनेट स्तर के मंत्री के बराबर आजीवन कार, मकान औऱ स्टाफ की सुविधाएं मिलेगी। साथ ही जयपुर से बाहर जिला मुख्यालय पर भी अब कई सुविधाएं मिलेगी।
