अब 10 हजार व्यूज से कम वाले चैनल को ऐड नहीं देगा यू-ट्यूब
न्यूयॉर्क। वीडियो शेयरिंग साइट्स यू-ट्यूब न सिर्फ दुनिया की सबसे बड़ी वीडियो शेयरिंग साइट्स है, बल्कि आज के समय में ये आॅनलाइन कमाई का भी सबसे बड़ा जरिया बनती जा रही है। यू-ट्यूब पर आज हर कोई अपना चैनल बनाकर धडल्ले से कमाई करना चाहता है, इसके चलते यू-ट्यूब के कई चैनलों और विज्ञापनदाताओं को खामियाजा भी उठाना पड़ता है। ऐसे में अपने विज्ञापनदाताओं को संतुष्टि प्रदान करने के लिए यू-ट्यूब ने एक बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत अब ऐसे किसी भी यू-ट्यूब को ऐड़ नहीं दिए जाएंगे, जिसके पास लाइफटाइम व्यूज 10 हजार से कम होंगे।
यू-ट्यूब ने अपने यू-ट्यूब पार्टनर प्रोगाम में बदलाव करते हुए घोषणा की है कि अब कोई भी वीडियो निर्माता अपने यू-ट्यूब चैनल के वीडियो पर तब कोई ऐड़ चलाने में समर्थ नहीं होंगे, जब तक कि उनके अकांउट पर लाइफटाइम व्यूज 10 हजार तक पहुंच जाए। जब कोई भी चैनल 10 हजार के लक्ष्य तक पहुंच जाएगा, उसके बाद यू-ट्यूब उस चैनल को रिव्यू करेगा। रिव्यू में अगर चैनल द्वारा यू-ट्यूब की पॉलिसीज का पालन करता है, तो फिर वह यू-ट्यूब द्वारा ऐड़ चलाने में समर्थ होगा।
यू-ट्यूब ने अपने आॅफिशल ब्लॉग की पोस्ट में कहा कि, जब तक कोई यू-ट्यूब चैनल लाइफटाइम 10 हजार व्यूज तक नहीं पहुंचता, तब तक हम यू-ट्यूब पार्टनर प्रोगाम के तहत किसी भी चैनल के वीडियो पर विज्ञापन नहीं दिखाएंगे। क्योंकि यह नया थ्रेशोल्ड हमें एक चैनल की वैधता निर्धारित करने के लिए पर्याप्त जानकारी देता है। साथ ही यह हमें यह इस बात की पुष्टि करने की भी अनुमति देता है कि क्या कोई चैनल हमारी कम्यूनिटी गाइडलाइन और एडवरटाइजर पॉलिसियों का पालन कर रहा है।
ब्लॉग की इस पोस्ट में कहा गया है कि, हमारे इस बदलाव से हम यह भी सुनिश्चित करते हैं कि इससे हमारे महत्वाकांक्षी वीडियो निर्माताओं पर कम से कम प्रभाव पड़ेगा। पोस्ट के आखिर में ये भी बताया गया है कि 10 हजार से कम व्यूज वाले जिन यू-ट्यूब चैनल पर इस फैसले से पहले ऐड चल रहे हैं, उन पर एवं उनके अर्निंग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
यू-ट्यूब ने अपने यू-ट्यूब पार्टनर प्रोगाम में बदलाव करते हुए घोषणा की है कि अब कोई भी वीडियो निर्माता अपने यू-ट्यूब चैनल के वीडियो पर तब कोई ऐड़ चलाने में समर्थ नहीं होंगे, जब तक कि उनके अकांउट पर लाइफटाइम व्यूज 10 हजार तक पहुंच जाए। जब कोई भी चैनल 10 हजार के लक्ष्य तक पहुंच जाएगा, उसके बाद यू-ट्यूब उस चैनल को रिव्यू करेगा। रिव्यू में अगर चैनल द्वारा यू-ट्यूब की पॉलिसीज का पालन करता है, तो फिर वह यू-ट्यूब द्वारा ऐड़ चलाने में समर्थ होगा।
यू-ट्यूब ने अपने आॅफिशल ब्लॉग की पोस्ट में कहा कि, जब तक कोई यू-ट्यूब चैनल लाइफटाइम 10 हजार व्यूज तक नहीं पहुंचता, तब तक हम यू-ट्यूब पार्टनर प्रोगाम के तहत किसी भी चैनल के वीडियो पर विज्ञापन नहीं दिखाएंगे। क्योंकि यह नया थ्रेशोल्ड हमें एक चैनल की वैधता निर्धारित करने के लिए पर्याप्त जानकारी देता है। साथ ही यह हमें यह इस बात की पुष्टि करने की भी अनुमति देता है कि क्या कोई चैनल हमारी कम्यूनिटी गाइडलाइन और एडवरटाइजर पॉलिसियों का पालन कर रहा है।
ब्लॉग की इस पोस्ट में कहा गया है कि, हमारे इस बदलाव से हम यह भी सुनिश्चित करते हैं कि इससे हमारे महत्वाकांक्षी वीडियो निर्माताओं पर कम से कम प्रभाव पड़ेगा। पोस्ट के आखिर में ये भी बताया गया है कि 10 हजार से कम व्यूज वाले जिन यू-ट्यूब चैनल पर इस फैसले से पहले ऐड चल रहे हैं, उन पर एवं उनके अर्निंग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
