सिंधी गीत-संगीत के सम्राट मास्टर चंद्र जयंती पर झूमे सिंधियत के दीवाने
अजमेर। सिंधी संगीत समिति अजमेर के तत्वावधान में रविवार को स्थानीय जवाहर रंग मंच में सिंधी गीत संगीत के विख्यात मास्टर चंद्र की 111वीं जयंती के अवसर पर आयोजित सिंधी गीत संगीत के कार्यक्रम में सिंधियत के दीवानों ने नाचकर झूमकर अपनी खुशी का इजहार करने किया।
सिंधी संगीत के देश विदेश में विख्यात मुम्बई के कलाकार महेश चंद्र ने मास्टर चंद्र का कलाम तुहिंजे शहर में आयसु किस्मत सां पर सुहिणा कीन सन्जातो तो, मुहिंजा दिलबर कीन सुन्जातो तो, रूठा ही रहन शल हुजेन हयाति, मुम्बई के सरल रोशन ने झूलेलाल सभिनी जा बेडा पार लगांई, सिंधी अब्बाणी बोली, अजमेर के विख्यात कलाकार रामचन्द खूबचन्दानी ने तो आ छदियो विसारे, निंढ बि नथी अचे रात बि नथी खुटे, अनिता शिवनानी और पूनम नवलानी ने अंजा रोशनी दे, अंजा आहे दुनिया अन्धियारी असांजी,भगत धनश्याम ने आंणीअ में जोत जगाइण वारा सिंधी सुनाकर श्रोताओ को झूमने नाचने पर मजबूर कर दिया।
प्रचार कमेटी के संयोजक रमेश लालवानी ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ सिंधी समाज के ईष्ट देव झूलेलाल की प्रतिमा एवं मास्टर चंद्र की प्रतिमा के आगे सिंधी समाज के संत महात्माओ एवं अतिथियों के कर कमलो द्वारा किया गया तथा सिंधयत जी ज्योत स्मारिका का विमोचन भी किया जिसका वितरण निःशुल्क किया गया। स्मारिका में सिंधी संगीत समिति की गतिविधियों, गरीबो की कन्याओ के विवाह में सहायता, असांखे सिंधु धाटी ऐं सभ्यता संस्कृतिअ जो उतराधिकारी हुअण, सिंधी समाज की विभूतियो की जानकारी, सिंधी संगीत हिक नजर, सिंधी समाज के विकास में भगतो का योगदान, हेमू कालानी आदि के अलावा सिंधी समाज के तिथि वार त्योहारों की जानकारी प्रदान की गई है।
मुख्य अतिथि के रूप में शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि सिंधी सभ्यता और संस्कृति हमारी अमूल्यवान धरोहर है इसे संजोये रखना हम सबका दायित्व है। देवनानी ने सिंधी गायकों कलाकारों के सिंधी भाषा के विकास में योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर अतिथि के रूप में संत नारायण और जस्टिस जी आर मूलचन्दानी, चिकित्सा के क्षेत्र में जयपुर के आर्थोपेडिक के डा.अनूप झूरानी, शिक्षा के क्षेत्र मे अजमेर आल सेन्टस के निदेशक पीयूष कुमार, विख्यात उद्योगपति राहुल भगवानदास हरवानी, समाज सेवा में नरेश मदानी, अप्रवासी भारतीय रमेश लखानी, नारायणदास थदानी और एम.टी वाधवानी को समिति की ओर से श्रेष्ठ सेवाओ के लिए सम्मानित किया गया।
सिंधी संगीत के देश विदेश में विख्यात मुम्बई के कलाकार महेश चंद्र ने मास्टर चंद्र का कलाम तुहिंजे शहर में आयसु किस्मत सां पर सुहिणा कीन सन्जातो तो, मुहिंजा दिलबर कीन सुन्जातो तो, रूठा ही रहन शल हुजेन हयाति, मुम्बई के सरल रोशन ने झूलेलाल सभिनी जा बेडा पार लगांई, सिंधी अब्बाणी बोली, अजमेर के विख्यात कलाकार रामचन्द खूबचन्दानी ने तो आ छदियो विसारे, निंढ बि नथी अचे रात बि नथी खुटे, अनिता शिवनानी और पूनम नवलानी ने अंजा रोशनी दे, अंजा आहे दुनिया अन्धियारी असांजी,भगत धनश्याम ने आंणीअ में जोत जगाइण वारा सिंधी सुनाकर श्रोताओ को झूमने नाचने पर मजबूर कर दिया।
प्रचार कमेटी के संयोजक रमेश लालवानी ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ सिंधी समाज के ईष्ट देव झूलेलाल की प्रतिमा एवं मास्टर चंद्र की प्रतिमा के आगे सिंधी समाज के संत महात्माओ एवं अतिथियों के कर कमलो द्वारा किया गया तथा सिंधयत जी ज्योत स्मारिका का विमोचन भी किया जिसका वितरण निःशुल्क किया गया। स्मारिका में सिंधी संगीत समिति की गतिविधियों, गरीबो की कन्याओ के विवाह में सहायता, असांखे सिंधु धाटी ऐं सभ्यता संस्कृतिअ जो उतराधिकारी हुअण, सिंधी समाज की विभूतियो की जानकारी, सिंधी संगीत हिक नजर, सिंधी समाज के विकास में भगतो का योगदान, हेमू कालानी आदि के अलावा सिंधी समाज के तिथि वार त्योहारों की जानकारी प्रदान की गई है।
मुख्य अतिथि के रूप में शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि सिंधी सभ्यता और संस्कृति हमारी अमूल्यवान धरोहर है इसे संजोये रखना हम सबका दायित्व है। देवनानी ने सिंधी गायकों कलाकारों के सिंधी भाषा के विकास में योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर अतिथि के रूप में संत नारायण और जस्टिस जी आर मूलचन्दानी, चिकित्सा के क्षेत्र में जयपुर के आर्थोपेडिक के डा.अनूप झूरानी, शिक्षा के क्षेत्र मे अजमेर आल सेन्टस के निदेशक पीयूष कुमार, विख्यात उद्योगपति राहुल भगवानदास हरवानी, समाज सेवा में नरेश मदानी, अप्रवासी भारतीय रमेश लखानी, नारायणदास थदानी और एम.टी वाधवानी को समिति की ओर से श्रेष्ठ सेवाओ के लिए सम्मानित किया गया।
