'मणिकर्णिका' पर खत्म हुआ विवाद, प्रोड्यूसर ने दिया लिखित में आश्वासन
जयपुर। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर आधारित फिल्म 'मणिकर्णिका : द क्वीन आॅफ झांसी' को लेकर विवादों का दौर खत्म हो गया है। राजस्थान में सर्व ब्राह्मण महासभा की ओर से इस फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ किए जाने के आरोप लगाए गए थे। साथ ही फिल्म में गलत तथ्य दिखाए जाने की बात कह कर फिल्म का विरोध किया जा रहा था। इस पर आज फिल्म के प्रोड्यूसर कमल जैन ने लिखित में आश्वासन दे दिया है।
राजधानी जयपुर में आज 'मणिकर्णिका : द क्वीन आॅफ झांसी' फिल्म के प्रोड्यूसर ने फिल्म के विरोध में चलाये जा रहे आंदोलन पर अपनी सफाई व्यक्त की। वहीं सर्व ब्राह्मण महासभा को लिखित में दिए गए आश्वासन में बताया गया है कि इतिहास के साथ इस फिल्म में किसी प्रकार की कोई छेडछाड नहीं की जायेगी। फिल्म में भारतीय इतिहास और रानी लक्ष्मी बाई की गरिमा का पूर्ण ध्यान रखा जाएगा।
प्रोड्यूसर ने महासभा के अध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा से विभिन्न विवादित बिन्दुओं पर चर्चा की और महासभा द्वारा विवादित बिन्दुओं को लेकर दिये गये नोटिस पर चर्चा की। इसके बाद महासभा के पदाधिकारियों की उपस्थिति में लिखित मे एक सहमति पत्र तैयार किया गया, जिसमें बिन्दुवार सभी बिन्दुओं का जवाब दिया गया। मिश्रा ने कहा कि किसी को भी देश के इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने का हक नहीं है, इसीलिए महासभा ने इस बात को उठाया था कि प्रदेश में होने वाली इस फिल्म में किसी प्रकार का इतिहास से खिलवाड़ नहीं हो।
इस अवसर पर प्रोड्यूसर ने मिश्रा को सहमति पत्र देकर इस बात के लिए आश्वस्त किया कि हम इस फिल्म में इतिहास से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नही कर रहे हैं और इस फिल्म में रानी लक्ष्मीबाई के साथ किसी अंग्रेज के साथ प्रेम प्रसंग व गीत नहीं दिखाया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि इस फिल्म का जयश्री मिश्रा की किताब से इसका कोई संबंध नहीं है।
राजधानी जयपुर में आज 'मणिकर्णिका : द क्वीन आॅफ झांसी' फिल्म के प्रोड्यूसर ने फिल्म के विरोध में चलाये जा रहे आंदोलन पर अपनी सफाई व्यक्त की। वहीं सर्व ब्राह्मण महासभा को लिखित में दिए गए आश्वासन में बताया गया है कि इतिहास के साथ इस फिल्म में किसी प्रकार की कोई छेडछाड नहीं की जायेगी। फिल्म में भारतीय इतिहास और रानी लक्ष्मी बाई की गरिमा का पूर्ण ध्यान रखा जाएगा।
प्रोड्यूसर ने महासभा के अध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा से विभिन्न विवादित बिन्दुओं पर चर्चा की और महासभा द्वारा विवादित बिन्दुओं को लेकर दिये गये नोटिस पर चर्चा की। इसके बाद महासभा के पदाधिकारियों की उपस्थिति में लिखित मे एक सहमति पत्र तैयार किया गया, जिसमें बिन्दुवार सभी बिन्दुओं का जवाब दिया गया। मिश्रा ने कहा कि किसी को भी देश के इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने का हक नहीं है, इसीलिए महासभा ने इस बात को उठाया था कि प्रदेश में होने वाली इस फिल्म में किसी प्रकार का इतिहास से खिलवाड़ नहीं हो।
इस अवसर पर प्रोड्यूसर ने मिश्रा को सहमति पत्र देकर इस बात के लिए आश्वस्त किया कि हम इस फिल्म में इतिहास से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नही कर रहे हैं और इस फिल्म में रानी लक्ष्मीबाई के साथ किसी अंग्रेज के साथ प्रेम प्रसंग व गीत नहीं दिखाया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि इस फिल्म का जयश्री मिश्रा की किताब से इसका कोई संबंध नहीं है।
